अजमेर में रंगों के पर्व होली की पूर्व संध्या पर सोमवार को शहरभर में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ होलिका दहन किया गया। ज्योतिषाचार्यों द्वारा निर्धारित प्रदोष काल के शुभ मुहूर्त में विभिन्न मोहल्लों, कॉलोनियों और बाजारों में होलिका की अग्नि प्रज्वलित की गई। शाम ढलते ही श्रद्धालु परिवारों सहित पूजा स्थलों पर पहुंचे और विधि-विधान से पूजन कर बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया। शहर के वैशाली नगर, पंचशील, आदर्श नगर, केसरगंज, रामगंज सहित कई क्षेत्रों में निर्धारित मुहूर्त के अनुसार होलिका दहन किया गया। महिलाओं ने होलिका की परिक्रमा कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। बच्चों और युवाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। कई स्थानों पर लोगों ने ढोल-नगाड़ों के साथ पारंपरिक गीत गाकर पर्व का आनंद लिया। इस बार प्रदोष काल में होलिका दहन को विशेष शुभ माना गया, जिसके चलते लोगों ने समय का विशेष ध्यान रखा। पंडितों के अनुसार इस मुहूर्त में दहन करने से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और घर-परिवार में सकारात्मकता आती है। वहीं शहर के प्रमुख बाजारों में भी उत्सव का माहौल रहा। दरगाह क्षेत्र में अजमेर दरगाह बाजार के बाहर व्यापारियों ने सामूहिक रूप से होलिका दहन किया। व्यापारियों ने एकत्र होकर पूजा-अर्चना की और शहर में अमन-चैन व समृद्धि की कामना की। इस दौरान बाजार क्षेत्र में भी काफी चहल-पहल रही और लोगों ने एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं दीं। प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात रहा, जिससे सभी स्थानों पर कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। होलिका दहन के साथ ही मंगलवार को धुलंडी पर रंगों की बरसात के लिए शहरवासी पूरी तरह तैयार नजर आए।


