अजमेर में एक गरबा पांडाल में 7 साल के बच्चे की करंट लगने से मौत हो गई। गरबा खेलने के दौरान मासूम का पांव खुले पड़े बिजली के तार से टच हो गया था। उसे बेहोशी की हालत में हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया। हादसा शुक्रवार शाम करीब 8.45 बजे बीके कौल नगर इलाके में हुआ। मासूम के पिता ने रोते हुए बताया कि- मेरा बेटा धैविक डांडिया हाथ में लिए हंसते-खेलते घर से निकला था, कहा था- पापा गरबा खेलने जा रहा हूं….पता नहीं था कभी नहीं लौटेगा। हादसा धैविक के घर से 50 मीटर दूर हुआ। वो परिवार का इकलौता बेटा था। इलेक्ट्रिशियन पर लापरवाही का आरोप पुलिस के अनुसार हादसे में आरके पुरम निवासी कपिल धनवानी के बेटे धैविक की मौत हुई है। कपिल का आरोप है कि बच्चे की मौत इलेक्ट्रिशियन की लापरवाही से हुई है। उन्होंने रोते-बिलखते हुए बताया कि शाम से ही धैविक डांडिया प्रोग्राम को लेकर बहुत उत्साहित था। रात करीब साढ़े आठ बजे वह दादी और पापा से यह कहते हुए घर से निकला कि मैं डांडिया खेलने जा रहा हूं…। करीब 8 बजकर 55 मिनट पर खबर आई कि धैविक करंट की चपेट में आ गया है। परिजन उसे नजदीक के एक प्राइवेट अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने धैविक को बचाने के लिए सीपीआर दिया और अन्य कोशिश की, लेकिन उसकी सांसें नहीं लौटी। अब पुलिस आयोजन के परमिशन की जांच करेगी पुलिस अधिकारियों का कहना है गरबा का यह आयोजन हर साल होता है। इसकी परमिशन ली जाती है या नहीं, इसकी जांच की जाएगी। धैविक परिवार का इकलौता बेटा था। उसकी मां 8 महीने की प्रेग्नेंट है। बेटे की मौत के बाद कपिल और उसकी पत्नी रो-रो कर बेहाल हैं। वह बार-बार उस इलेक्ट्रिशियन को कोस रहे हैं, जिसकी लापरवाही से बच्चे की जान चली गई।


