अटल एक्सप्रेसवे का विरोध:विधानसभा में विधायक पंकज उपाध्याय बोले- परियोजना में किसानों को उचित मुआवजे की स्पष्ट नीति नहीं

जौरा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक पंकज उपाध्याय ने मध्यप्रदेश विधानसभा के शून्य काल में अटल वे एक्सप्रेस वे परियोजना का विरोध किया। उन्होंने सरकार पर चंबल घाटी और इसके किसानों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए परियोजना के पुनर्निरीक्षण की मांग की। बता दें कि विधायक पंकज उपाध्याय ने विधानसभा में कहा कि अटल एक्सप्रेस वे परियोजना के तहत सड़क के दोनों ओर 500-500 मीटर का इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और 5-5 किलोमीटर का बफर जोन प्रस्तावित है। उन्होंने इसे किसानों के लिए नुकसानदायक बताते हुए कहा कि इस परियोजना में किसानों को उचित मुआवजे की कोई स्पष्ट नीति नहीं बनाई गई है। यह योजना पूरी तरह से किसानों के हितों को नजर अंदाज कर केवल बड़े उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए बनाई गई है। इसका उदाहरण यमुना एक्सप्रेसवे है, जहां किसानों को अपनी जमीन गंवाने के बाद कई किलोमीटर घूमकर अपने खेतों तक पहुंचना पड़ता है। किसानों के हितों की अनदेखी
विधायक ने कहा कि प्रस्तावित अटल एक्सप्रेसवे की वजह से जौरा क्षेत्र के अनेक गांव प्रभावित होंगे। इन गांवों में बिरखापुरा, सुखपुरा, मोहनपुर, ताजपुर, उत्तमपुर, छिंनबरा, कोलुडाढा, बर्रेड, चिन्नोनी, सिंगरौली, पर्वतपुर, रणछौडपुरा, तिंदौखर, जापथाप, हुसैनपुर, रजौधा, कोटरा, मिलुआ, लोहरी का पूरा जैसे गांव शामिल हैं। इन गांवों में रहने वाले लघु एवं सीमांत किसानों की जमीन कौड़ियों के भाव अधिगृहीत कर ली जाएगी। इससे उनकी आजीविका बर्बाद हो जाएगी। हम किसी भी हालत में किसानों का हित नहीं खोने देंगे। विधायक ने दिए ठोस सुझाव
पंकज उपाध्याय ने इस योजना के पुराने एलाइनमेंट को बहाल करने की मांग की, जिसके तहत एक्सप्रेसवे को बीहड़ इलाके से निकालने का प्रस्ताव था। उन्होंने कहा, बीहड़ क्षेत्र से परियोजना को निकाला जाए ताकि उपजाऊ जमीन और ग्रामीण इलाकों की खेती प्रभावित न हो। अगर सरकार ने उनकी बात नहीं मानी तो इस परियोजना का कड़ा विरोध किया जाएगा। हम चंबल घाटी और किसानों की जमीन बचाने के लिए हरसंभव कदम उठाएंगे। यह हमारी प्रतिबद्धता है। क्षेत्रीय संकट और संघर्ष की चेतावनी
अटल एक्सप्रेसवे के विरोध में खड़े होकर विधायक ने क्षेत्रीय संकट की ओर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों और ग्रामीणों के हितों पर ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर परियोजना में संशोधन नहीं हुआ तो पूरे क्षेत्र में बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

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