अटारी बॉर्डर पर सरबजीत कौर की वापसी रहस्य बनी:भारत आने की खबरों पर अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं

अमृतसर के अटारी बॉर्डर के रास्ते सरबजीत कौर की भारत वापसी को लेकर बीते कल से लगातार चर्चाएं चल रही हैं, लेकिन इस पूरे मामले में अब तक पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। सरबजीत कौर की वापसी को लेकर बना यह सस्पेंस फिलहाल बरकरार है और स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाई है। अटारी बॉर्डर पर तैनात डीएसपी यादविंदर सिंह ने मीडिया से बातचीत में बताया कि बीएसएफ अधिकारियों की ओर से पहले यह जानकारी दी गई थी कि ननकाना साहिब गया जत्था भारत लौट आया है, लेकिन सरबजीत कौर उस जत्थे के साथ वापस नहीं आई थी और वह वहीं रुक गई थी। इसी कारण से उसकी वापसी को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। डीएसपी यादविंदर सिंह ने आगे बताया कि बीते दिन से यह जानकारी सामने आई है कि सरबजीत कौर भारत लौट रही है, लेकिन अब तक यह कन्फर्म नहीं हो सका है कि वह वास्तव में अटारी बॉर्डर पहुंची है या नहीं। उन्होंने कहा कि बीएसएफ की ओर से इमिग्रेशन विभाग से भी जानकारी ली गई है, लेकिन फिलहाल इस संबंध में कोई ठोस और स्पष्ट सूचना सामने नहीं आई है। उन्होंने यह भी साफ किया कि सरबजीत कौर के अटारी बॉर्डर पहुंचने का समय भी अभी तक तय नहीं है। ऐसे में यह कहना मुश्किल है कि वह कब तक भारत पहुंचेगी। सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं और जैसे ही कोई आधिकारिक जानकारी मिलेगी, मीडिया को तुरंत सूचित किया जाएगा। डीएसपी ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर सरबजीत कौर भारत लौटती है तो आगे की प्रक्रिया क्या होगी, किन एजेंसियों द्वारा उससे पूछताछ की जाएगी या उसे कहां भेजा जाएगा—इस बारे में भी अभी तक कोई पुख्ता योजना तय नहीं की गई है। फिलहाल सरबजीत कौर की वापसी को लेकर सस्पेंस बना हुआ है और सभी की निगाहें अटारी बॉर्डर पर टिकी हुई हैं। सिलसिलेवार पढ़िए क्या था पूरा मामला… 1932 श्रद्धालुओं के जत्थे के साथ गई थी पाकिस्तान सरबजीत कौर 4 नवंबर को श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर 1932 श्रद्धालुओं के जत्थे के साथ अमृतसर से अटारी बॉर्डर के जरिए पाकिस्तान गई थी। यह सिख जत्था 10 दिन तक पाकिस्तान में रहा। जहां उन्होंने सिख गुरुओं से जुड़े विभिन्न स्थलों के दर्शन किए और 13 नवंबर को भारत वापस लौट आए। पूरे सिख जत्थे के एक साथ भारत लौटने से पहले अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज और 3 महिलाओं समेत कुल 9 श्रद्धालु पहले लौट आए थे। सिख श्रद्धालुओं के साथ वापस नहीं लौटी हालांकि जब श्रद्धालुओं का पूरा जत्था वापस लौटा तो 1923 की जगह 1922 लोग ही वापस पहुंचे। जब इसकी जांच हुई तो पता चला कि जत्थे के साथ गई कपूरथला की सरबजीत कौर वापस नहीं आई है। उसका नाम न तो पाकिस्तान के एग्जिट रिकॉर्ड में था और न ही भारत के एंट्री रिकॉर्ड में मिला। पहले माना गया कि वह लापता है। इसके बाद उसके बारे में पाकिस्तान में भी लोकल पुलिस ने जांच शुरू कर दी। पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने भी उसकी तलाश शुरू कर दी। निकाहनामा और वीडियो वायरल होने से पता चला इसके बाद अचानक उर्दू में लिखा सरबजीत का निकाहनामा वायरल हो गया। जिसमें लिखा था कि सरबजीत ने पाकिस्तान में इस्लाम धर्म अपना लिया है। उसने शेखुपुरा नूर हुसैन नाम के मुस्लिम व्यक्ति से निकाह कर लिया है। इसके बाद 15 नवंबर को उसका एक वीडियो भी वायरल हो गया। जिसमें उसने मौलवी को कहा कि वह मुस्लिम बनना चाहती है। सरबजीत ने कहा कि वह नासिर से प्यार करती है और 9 साल से उसे जानती है। सरबजीत ने यह भी कहा था कि मेरा तलाक हो चुका है। पाक इमिग्रेशन फॉर्म में कई जानकारियां नहीं भरीं सरबजीत के पाकिस्तान में निकाह करने के बाद उसके वीजा के लिए दस्तावेजों की पड़ताल की गई। इसमें पता चला कि उसने पाकिस्तानी इमिग्रेशन में भरे फॉर्म में अपनी राष्ट्रीयता और पासपोर्ट नंबर जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां ही नहीं भरी थी। इससे पाकिस्तान में उसे ट्रेस करना मुश्किल हो गया था। निकाह करने के बाद नूर हुसैन बनी सरबजीत नासिर हुसैन के साथ छिपकर रह रही थी। पाकिस्तान में यूट्यूबर नासिर ढिल्लों ने किया था स्वागत अमृतसर से अटारी के रास्ते में पाकिस्तान के ननकाना साहिब पहुंचने वाले जत्थे का स्वागत पाकिस्तान के यूट्यूबर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नासिर ढिल्लों ने किया था। ये वही नासिर हुसैन है जिस पर ऑपरेशन सिंदूर के वक्त पाकिस्तानी एजेंसियों के लिए काम करने का आरोप लगा था। इसी ने पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में पकड़ी गई हरियाणा के हिसार की यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा के साथ भी इंटरव्यू किया था। सरबजीत पर कपूरथला में कई केस चल रहे सरबजीत कपूरथला के गांव अमानीपुर की रहने वाली हैं। ये गांव पोस्ट आफिस टिब्बा का हिस्सा है और थाना तलवंडी चौधरियां के अंडर आता है। गांव के लोगों का कहना था कि महिला का अपने पति से तलाक हो चुका है। उसके दो बेटे हैं। इनके खिलाफ भी सुल्तानपुर लोधी में 10 से ज्यादा मामले दर्ज हैं, जिनमें वेश्यावृत्ति का भी केस शामिल है। गांव अमानीपुर के अंदर सरबजीत की आलीशान कोठी है। उसका लोगों से ज्यादा मिलना जुलना नहीं था। सरबजीत के विवादों के कारण लोगों का उसके घर ज्यादा आना-जाना नहीं है। लाहौर हाईकोर्ट भी पहुंचा मामला, कोर्ट ने परेशान न करने को कहा था सरबजीत कौर के पाकिस्तान में निकाह करने का मामला लाहौर हाईकोर्ट भी पहुंचा था। पाकिस्तान में सिख समुदाय के एक पूर्व विधायक महिंदर पाल सिंह ने कोर्ट में याचिका दायर करते हुए सरबजीत कौर को गिरफ्तार कर भारत भेजने की मांग की थी। कोर्ट में दलील दी गई थी कि सरबजीत कौर की पाकिस्तान में रुकने की वीजा अवधि समाप्त हो चुकी है। इसके बावजूद वह यहीं रुकी है। वह देश की सुरक्षा के लिए खतरा है। वह संदिग्ध गतिविधियों में शामिल हो सकती है। इसके साथ ही सरबजीत और नासिर हुसैन ने भी कोर्ट में याचिका दायर की थी। इसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि पाकिस्तान की पुलिस और अधिकारी उन्हें लगातार परेशान कर रहे हैं। दोनों ने कोर्ट से सिक्योरिटी और किसी भी तरह की जबरदस्ती की कार्रवाई से बचाने की मांग की थी। इस मामले में सुनवाई भी हुई थी। इस मामले में नवंबर महीने में ही लाहौर हाईकोर्ट के जज फारुख हैदर ने फैसला दिया था कि अगर शादी और धर्म परिवर्तन सरबजीत की मर्जी से हुआ तो अधिकारी उन्हें परेशान न करें। उन पर शादी तोड़ने के लिए दबाव न डालें। सरबजीत को गिरफ्तार कर भारत भेजने की याचिका पर अभी अंतिम फैसला नहीं आया है।

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