भास्कर न्यूज | कुकदूर राज्य सरकार ने संलग्नीकरण व्यवस्था पूरी तरह समाप्त कर दी है। इसके बावजूद आदिम जाति कल्याण विभाग के छात्रावासों में अधीक्षक अब भी अपने मूल पद से हटकर मनचाहे स्थान पर संलग्न होकर कार्य कर रहे हैं। शासन के नियम अनुसार संलग्नीकरण केवल अस्थायी व्यवस्था है। यह व्यवस्था विभागीय कार्य संचालन के लिए कुछ दिनों के लिए होती है। लेकिन कई अधीक्षक वर्षों से एक ही स्थान पर संलग्न हैं। इससे अधिकारी व कर्मचारी इसे अपना अधिकार मानने लगे हैं। कुछ नव पदस्थ अधिकारी तो यह भी नहीं जानते कि कौन कर्मचारी कितने वर्ष से कहां व किस पद पर संलग्न है। कुछ को जानकारी होने के बावजूद संलग्नीकरण समाप्त नहीं किया जा रहा है। हाल ही में आदिम जाति कल्याण विभाग ने छात्रावासों में अधीक्षक की नई नियुक्ति की। लेकिन जिन छात्रावासों में अधीक्षक वर्षों से संलग्न होकर दूसरे स्थान पर कार्यरत हैं, वहां पद रिक्त नहीं बताया गया। इस कारण वहां नए अधीक्षक की नियुक्ति नहीं हो पाई। शिक्षा विभाग में भी संलग्नीकरण की व्यवस्था है। सत्र समाप्त होने पर शिक्षकों को मूल शाला में कार्यभार ग्रहण करना होता है। ऐसा नहीं करने पर उनका वेतन रोक दिया जाता है। संलग्नीकरण से शासन को वित्तीय नुकसान भी हो रहा है। ये स्थिति वनांचल कुकदूर के अधिकांश जगह में है।


