सिंगरौली में सड़क हादसे में दो युवकों की मौत के बाद बवाल हो गया। शुक्रवार को गुस्साए ग्रामीणों ने 5 बसों और 3 ट्रकों को आग के हवाले कर दिया। एक बस और एक ट्रक में तोड़फोड़ भी की है। हालात को देखते हुए 200 से ज्यादा पुलिसकर्मी मौके पर तैनात किए गए हैं। खुद कलेक्टर चंद्रशेखर शुक्ला और एसपी मनीष खत्री भी मौके पर पहुंचे। आगजनी की यह घटना शुक्रवार शाम करीब 7.30 बजे बधोरा गांव में एसआर पावर कंपनी के गेट के पास की है। बताया जा रहा है कि जिन वाहनों में आग लगाई वो अडानी की कोलमाइंस और पावर कंपनी के हैं। ये वाहन कोल परिवहन और कर्मचारियों को लाने-ले जाने के काम में लगे थे। ग्रामीणों ने बस में सवार लोगों को उतारकर उनमें आग लगाई। पावर प्लांट में रात भर काम बंद रहा। बसें जलने से सुबह की शिफ्ट वाले कर्मचारी नहीं आए। इस कारण आज दिन का काम भी बंद रहेगा। आज दोनों शवों का पोस्टमॉर्टम बैढ़न अस्पताल में किया जाएगा। हादसे में 2 युवक की मौत के बाद भड़के लोग
दरअसल, शुक्रवार को सुबह करीब 11 बजे अमिलिया के जंगल में एक सड़क हादसा हुआ। अमिलिया कोयला खदान से कोयला लोड करके कोल यार्ड की तरफ जा रहे एक ट्रेलर ने सामने से आ रही बाइक को टक्कर मार दी थी। जिससे बाइक सवार दोनों युवक करीब 20 फीट गहरी खाई में जा गिरे। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में ट्रक भी बेकाबू होकर पलट गया। सरई थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह भदोरिया के अनुसार, घटना के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने ट्रक को जब्त कर लिया है। वाहनों को रोककर आग के हवाले कर दिया
सड़क हादसे में दोनों युवकों की मौत की खबर आते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हो गए और कोयला खदान प्रबंधक के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। घटना के बाद कुछ देर के लिए यहां से खदानों की गाड़ियों की आवाजाही बंद थी, लेकिन जैसे वाहन निकलना शुरू हुए तो आक्रोशित लोगों ने वाहनों को रोककर आग लगाना शुरू कर दी। भीड़ ने पुलिसकर्मियों को बंधक बनाकर पीटा
बताया जा रहा है कि ट्रक और बस जलाने की सूचना पर बरगवां थाना प्रभारी राकेश साहू 10 से 12 पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे थे। यहां लोगों ने सभी पुलिसकर्मियों को बंधक बना कर पीटा। इसमें टीआई राकेश साहू का हाथ फ्रैक्चर हो गया। उन्हें बैढ़न ट्रॉमा सेंटर भेजा गया है। इसके अलावा, अन्य पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। भीड़ को देखकर भागे कंपनी के कर्मचारी
ये भी बताया जा रहा है कि रात करीब 8 बजे जनरल शिफ्ट खत्म हुई थी। एक के बाद एक 5 बसें कर्मचारियों को लेकर बाहर निकली थीं। भीड़ को देखकर सभी कर्मचारी और ड्राइवर गाड़ी छोड़कर भाग गए। 5 बसों में करीब 200 कर्मचारी थे। शाम की शिफ्ट के कर्मचारी कंपनी नहीं पहुंचे
आमतौर पर पॉवर प्लांट 24 घंटे चलता है, लेकिन घटना के बाद शाम की शिफ्ट में कर्मचारी काम करने नहीं पहुंचे। यहां कंपनी के पास 6 सामान्य बसें हैं। इनका काम कर्मचारियों को छोड़ना और ले जाना होता है। इसके अलावा चार एयर कंडीशन बसें हैं। इनमें ए क्लास के अफसर आते-जाते हैं। सिंगरौली एसपी मनीष खत्री ने बताया- हादसे में रामलालू यादव, रामसागर प्रजापति की मौत हो गई थी। इस घटना से गुस्साए लोगों ने बसों में आग लगा दी। तीन जगह चक्काजाम की स्थिति भी बनी थी। कुछ लोग फैक्ट्री की ओर भी बढ़े थे। सभी लोगों को समझाइश दी गई। ड्राइवर की तलाश की जा रही है। थाना प्रभारी को भी चोट आई है। बाहर से बल बुलाया गया है। जिन भी उपद्रवियों ने घटना की है, उन पर कार्रवाई की जाएगी। सुबह हुए हादसे की 3 तस्वीरें देखिए –


