झाबुआ में ‘आजाद स्कूल अतिथि शिक्षक संघ’ के आह्वान पर अतिथि शिक्षकों का प्रदेशव्यापी आंदोलन जारी है। जिला अध्यक्ष नाहर सिंह राणा के नेतृत्व में तीन दिवसीय धरना प्रदर्शन हुआ, जिसमें जिले भर के अतिथि शिक्षक शामिल हुए। शहर के आंबेडकर गार्डन में सैकड़ों अतिथि शिक्षक एकत्रित हुए और अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने सरकार की नीतियों पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि सालों से कम मानदेय पर सेवाएं देने के बावजूद उनका भविष्य अनिश्चित है। रैली निकालकर सीएम के नाम सौंपा ज्ञापन धरने के बाद अतिथि शिक्षकों ने एक विशाल रैली निकाली और कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने नायब तहसीलदार को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें अपनी प्रमुख मांगें रखी गईं। अतिथि शिक्षकों का भविष्य सुरक्षित करने की मांग ज्ञापन के माध्यम से अतिथि शिक्षकों ने सरकार से हरियाणा सरकार की तर्ज पर मध्य प्रदेश के अतिथि शिक्षकों का भविष्य सुरक्षित करने की मांग की है। उन्होंने वर्तमान व्यवस्था में बदलाव कर अतिथि शिक्षकों का सेवाकाल पूरे 12 महीने सुनिश्चित करने की अपील की। अतिथि शिक्षकों को नियमित करने की रखी मांग इसके अतिरिक्त, कार्य अनुभव और वरिष्ठता के आधार पर अतिथि शिक्षकों के लिए ठोस नीति बनाकर उन्हें नियमित करने की भी मांग की गई। जिला अध्यक्ष नाहर सिंह राणा ने मीडिया से बातचीत में चेतावनी दी कि यदि सरकार जल्द ही अतिथि शिक्षकों के हित में निर्णय नहीं लेती है, तो यह आंदोलन भविष्य में और अधिक तीव्र होगा।


