जिला कलेक्टर उत्सव कौशल की अध्यक्षता में मंगलवार को पंचायत समिति सभागार में ‘सुशासन सप्ताह’ के तहत एक जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य प्रशासन में नवाचारों को बढ़ावा देना, अधिकारियों की कार्यक्षमता में वृद्धि करना, त्वरित निस्तारण और क्षमता विकास पर जोर देना था। जिला कलेक्टर उत्सव कौशल ने अपने संबोधन में कहा कि सुशासन एक निरंतर विकसित होने वाला क्षेत्र है। उन्होंने बताया कि आज जनता की उम्मीदें और तकनीकी चुनौतियां दोनों बढ़ गई हैं। ऐसे में जो अधिकारी समय के साथ अपनी क्षमता का निर्माण नहीं करेंगे, वे प्रभावी परिणाम नहीं दे पाएंगे। कलेक्टर कौशल ने इस बात पर जोर दिया कि अब कार्यों में लगने वाला लंबा समय स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में त्वरित और सटीक समाधान की आवश्यकता है ताकि जन-आकांक्षाओं की पूर्ति की जा सके। श्री कौशल ने ‘मिशन कर्मयोगी’ के तहत संचालित ‘iGOT’ प्लेटफॉर्म के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे इस प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कोर्सेज के माध्यम से निरंतर सीखते रहें। उन्होंने स्पष्ट किया कि iGOT के कोर्सेज से अर्जित दक्षता और कौशल के माध्यम से ही धरातल पर बेहतर सुशासन सुनिश्चित किया जा सकेगा। उन्होंने सभी अधिकारियों को इन कोर्सेज का लाभ उठाने और अपने अधीनस्थों को भी इसके लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। कार्यशाला में अतिरिक्त जिला कलेक्टर राजकुमार कस्वां, जिला परिवीक्षा एवं समाज कल्याण अधिकारी और विकास अधिकारी ने भी सुशासन को लेकर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम के समापन पर अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने सभी आगंतुकों का धन्यवाद ज्ञापित किया।


