जालोर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अहसान अहमद ने मंगलवार को भीनमाल उप कारागृह का निरीक्षण किया। इस दौरान जेल के अधिकारी से उन्होंने पूछा कि बंदियों को नहाने का साबुन और डिटर्जेंट मिलता है नहीं। सचिव ने पैरवी के लिए फ्री वकील मुहैया कराने की बात भी कही। राजस्थान उच्च न्यायालय की ओर से सिविल रिट पिटिशन पिपल्स वॉच राजस्थान बनाम राजस्थान राज्य व अन्य में पारित आदेश की पालना में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष व जिला न्यायाधीश कमल छंगाणी के निर्देश पर प्राधिकरण के सचिव ने जेल का दौरा किया। बंदियों को उनके अधिकारों की जानकारी दी उन्होंने बंदियों को उनके अधिकारों के बारे में जानकारी दी और मिलने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। सचिव ने निशुल्क विधिक सहायता के बारे में जानकारी देते हुए कहा- यदि किसी बंदी की पैरवी के लिए अधिवक्ता नियुक्त नहीं हो तो निशुल्क अधिवक्ता के लिए आवेदन तालुका विधिक सेवा समिति में भिजवाया जाए। उन्होंने उपकारापाल को निर्देश दिए कि बंदियों को नियमानुसार मिलने वाली सुविधाओं में किसी प्रकार की कोताही नहीं बरते। इस दौरान सचिव अहसान अहमद ने बंदियों के बैरक, स्नान करने के स्थान, कपड़े धोने के लिए स्थान के बारे में जानकारी प्राप्त की और प्रतिदिन साफ सफाई करवाने व बंदियों को स्नान करने के लिए साबुन एवं डिटर्जेंट के बारे में भी जानकारी प्राप्त कर कारापाल को पर्याप्त मात्रा में साबुन व डिटर्जेंट देने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने कारापाल को निर्देश दिए कि बंदियों के लिए बाहर से लाए जाने वाले खाद्य पदार्थ अच्छी गुणवत्ता वाली खरीदी जावे एवं सब्जी, फल आदि अच्छे तरीके से धोकर ही उपयोग में लिए जावे। उन्होंने बंदियों को उचित गुणवत्ता वाला भोजन देने के भी निर्देश दिए। केयर होम का किया निरीक्षण इसी प्रकार सचिव ने आत्मानंद सेवा संस्थान रानीवाडा की ओर से संचालित वात्सल्य चिल्ड्रन होम का भी निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने बच्चों के शयन कक्ष, रसोई घर आदि का निरीक्षण किया। सचिव ने उपस्थित कर्मचारियों को निर्देश दिए कि बदलते मौसम में बच्चों के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखा जाए। बच्चों को उचित गुणवत्ता वाला भोजन दिया जाए। उन्होंने कहा कि समय समय पर बच्चों के स्वास्थ्य की भी जांच करवाई जाए। इस दौरान डिंपल आचार्य, रिषभ आचार्य, भंवरलाल आदि मौजूद रहे।


