उमरिया जिले के विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में जंगल में मिले एक अनाथ नर बाघ शावक को रिवाइल्ड प्रक्रिया के तहत बहेरहा इंक्लोजर में स्थानांतरित कर दिया गया है। यह शावक अब मगधी परिक्षेत्र में बने लगभग डेढ़ हेक्टेयर क्षेत्र के बाड़े में रखा गया है, जहां मचान से उसकी लगातार निगरानी की जा रही है। शावक को अक्टूबर 2025 में पनपथा के जंगल से रेस्क्यू कर लाया गया था जहां पर यह पेड़ की खोह में मिला था। मादा शावक फेंसिंग कूदकर वापस जंगल में गई एक नर और एक मादा शावक दोनों बाड़े में थे, लेकिन मादा शावक फेंसिंग कूदकर जंगल की ओर चली गई। इसके बाद नर शावक को बहेरहा इंक्लोजर में स्थानांतरित किया गया। यह क्षेत्र कोर एरिया में स्थित है, जो शावक को प्राकृतिक वातावरण में घूमने और जंगल के अनुकूल ढलने का अवसर प्रदान कर रहा है। रिवाइल्ड प्रक्रिया के तहत शावक या उसके बाड़े के आसपास किसी भी प्रकार की मानवीय गतिविधि पूरी तरह प्रतिबंधित है। यहां शावक को प्राकृतिक माहौल में रहने, शिकार के गुण सीखने और जंगल के अनुरूप व्यवहार विकसित करने की प्रक्रिया से गुजरना होगा। लगभग तीन वर्ष की निगरानी और रिवाइल्डिंग के बाद शावक को जंगल में छोड़ा जाएगा। बाड़े में पानी और भोजन की नियमित व्यवस्था रहेगी प्रबंधन की ओर से बाड़े में पानी और भोजन की नियमित व्यवस्था की जा रही है। सुरक्षा की दृष्टि से चारों ओर हरी मेट लगाई गई है और अधिकारी-कर्मचारी दूर रहकर निगरानी कर रहे हैं। क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय ने बताया कि शावक को बहेरहा इंक्लोजर में सुरक्षित रूप से शिफ्ट कर दिया गया है। उसकी निगरानी मचान से ही की जाती है और बाड़े के आसपास किसी को जाने की अनुमति नहीं है। डॉक्टरों की निगरानी में शावक को रखा गया है और वह पूरी तरह स्वस्थ है।


