अनूपपुर के खांडा गांव में सोमवार को हाथियों के झुंड ने जमकर उत्पात मचाया। हाथियों ने एक ग्रामीण के घर को निशाना बनाया और वहां बंधे दो मवेशियों को मार डाला। इसके साथ ही खेतों में लगी फसलों को भी काफी नुकसान पहुंचाया है। खांडा गांव के रहने वाले बलराम केवट का जंगल के पास ही खेत पर कच्चा घर बना हुआ है। बलराम अपने मवेशियों को चराने के बाद रात में वहीं बांधते थे। तीन हाथियों के झुंड ने मवेशियों को मारा वन परिक्षेत्र अधिकारी स्वर्ण गौरव सिंह ने बताया कि पिछले तीन दिनों से इलाके में घूम रहे तीन हाथियों के झुंड ने बलराम के मवेशियों पर हमला कर दिया। हाथियों ने एक गर्भवती गाय और एक बैल को पैर या सूंड से मारकर मौत के घाट उतार दिया। गनीमत रही कि बाकी मवेशी अपनी रस्सी तोड़कर जंगल की ओर भाग निकले और उनकी जान बच गई। घर तोड़ा और फसलें कीं बर्बाद हाथियों का गुस्सा यहीं नहीं थमा, उन्होंने बलराम के कच्चे मकान को भी पूरी तरह तहस-नहस कर दिया। इसके अलावा आसपास के खेतों में खड़ी फसलों को भी रौंद डाला। घटना की खबर मिलते ही वन विभाग की टीम और डॉक्टर योगेश दीक्षित मौके पर पहुंचे और जांच-पड़ताल की। ग्रामीणों की सलाह और शिकायत वन विभाग ने खांडा और आसपास के गांवों में रहने वाले लोगों को चेतावनी दी है कि वे रात के समय खेतों में बने कच्चे घरों के बजाय गांव के पक्के मकानों में ही रहें। विभाग अब हाथियों की निगरानी कर रहा है। हालांकि, गांव वाले वन विभाग की कार्यप्रणाली से नाराज हैं। उनका कहना है कि वन विभाग की टीम केवल रात में गश्त करती है, जबकि हाथी दिन के उजाले में भी हमला कर सकते हैं। ग्रामीणों को डर है कि हाथी कभी भी दोबारा गांव में घुसकर जान-माल का नुकसान कर सकते हैं।


