अपनी पहचान व आत्म सम्मान को बचाने के लिए हुआ था आंदोलन

सिटी रिपोर्टर | बोकारो चास प्रखंड कार्यालय सभागार में बुधवार को झारखंड आंदोलनकारी सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में चास प्रखंड के 285 आंदोलनकारियों को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। यह कार्यक्रम उन आंदोलनकारियों के त्याग, संघर्ष और बलिदान को नमन करने का अवसर बना, जिनके सतत संघर्ष के परिणामस्वरूप अलग झारखंड राज्य का गठन संभव हो सका। चास प्रखंड कार्यालय को कुल 410 झारखंड आंदोलनकारियों की सूची प्राप्त हुई है। इनमें से जो आंदोलनकारी किसी कारण वश समारोह में शामिल नहीं हो सके, उन्हें 26 जनवरी के बाद चास प्रखंड कार्यालय से प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिह्न प्रदान किया जाएगा। समारोह का शुभारंभ पूर्व मंत्री सह चंदनकियारी विधायक उमाकांत रजक, बोकारो विधायक श्वेता सिंह, चास बीडीओ प्रदीप कुमार, चास सीओ सेवाराम साहू, झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के जिलाध्यक्ष राजदेव माहथा तथा उप प्रमुख मोहन चक्रवर्ती ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर चंदनकियारी विधायक उमाकांत रजक ने कहा कि यह समारोह झारखंड आंदोलनकारियों के संघर्ष, त्याग और बलिदान को सम्मान देने का एक सार्थक प्रयास है। उन्होंने कहा कि झारखंड आंदोलन केवल एक राजनीतिक लड़ाई नहीं थी, बल्कि यह पहचान, अधिकार और आत्म सम्मान की लड़ाई थी। आंदोलनकारियों का संपूर्ण जीवन झारखंड की अस्मिता और स्वाभिमान के लिए समर्पित रहा है। उनका संघर्ष न केवल वर्तमान पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने का संदेश देता है। वहीं बोकारो विधायक श्वेता सिंह ने आंदोलनकारियों को सम्मानित करते हुए कहा कि उनके अथक प्रयास और संघर्ष के कारण ही झारखंड को अलग राज्य का दर्जा मिला। उन्होंने कहा कि राज्य के निर्माण में आंदोलनकारियों का योगदान अतुलनीय है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। आंदोलनकारियों में सम्मान मिलने को लेकर उत्साह देखा गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आंदोलनकारी, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

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