छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के नकटीखार गांव में एक मुर्गी ने अपने चूजों की रक्षा के लिए अपनी जान दे दी। घटना 1 जुलाई की रात करीब साढ़े 10 बजे की है। मकान मालिक द्वारिका एक्का ने बताया कि लाइट नहीं होने के कारण देर रात खाना खाने के बाद वे सोने की तैयारी कर रहे थे। तभी अचानक मुर्गियों की आवाज सुनाई दी। जब उन्होंने जाकर देखा तो कमरे में एक मुर्गी और सांप आमने-सामने थे। मुर्गी ने जहरीले नाग से भिड़ंत ली और अपने चूजों को बचाने में सफल रही। हालांकि, इस दौरान सांप के काटने से मुर्गी की मौत हो गई। दूसरी मुर्गी अपने चूजों को लेकर सुरक्षित स्थान पर बैठी रही। अपने बच्चों की रक्षा के लिए सांप से लड़ी मां सूचना मिलते ही RCRS टीम मौके पर पहुंची। टीम के अध्यक्ष अविनाश यादव और सदस्य सागर व अजय ने विषैले कोबरा का सफल रेस्क्यू किया। अविनाश यादव ने बताया कि ऐसी घटनाएं बहुत कम देखने को मिलती हैं, जहां एक मां अपने बच्चों की रक्षा के लिए सांप से लड़ती है। RCRS टीम 24 घंटे सांपों और सरीसृपों की सुरक्षा में कार्यरत है। टीम का कहना है कि इस मौसम में सांप निकलने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। लोगों को सतर्क रहना चाहिए और सांप दिखने पर तुरंत स्नेक कैचर टीम को सूचित करना चाहिए, जिससे सांप और लोगों दोनों की जान बचाई जा सके।


