जालंधर: पंजाब के जालंधर जिले के गांव धोगड़ी से अगवा किए गए तीन बच्चों के सुरक्षित मिलने से इलाके में बड़ी राहत देखी जा रही है। ये बच्चे अपनी सूझबूझ और हिम्मत के दम पर हथियारों से लैस नकाबपोश लुटेरों के चंगुल से भागने में सफल रहे।
पतंग लूटने गए थे बच्चे, कार सवारों ने किया अगवा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव धोगड़ी के रहने वाले कार्तिक दीप (10), वंश (12) और सैमुअल (10) खेतों में पतंग लूटने गए थे। इसी दौरान एक कार में सवार करीब चार नकाबपोश बदमाशों ने हथियारों के दम पर बच्चों को अगवा कर लिया और उन्हें मुकेरियां-दसूहा की ओर ले गए। बच्चों ने बताया कि अपहरणकर्ताओं ने अपने चेहरे कपड़ों से बांध रखे थे और वे आपस में हिंदी और पंजाबी में बात कर रहे थे।
आधी रात को साइकिल से शुरू की वापसी
हिम्मत दिखाते हुए तीनों बच्चे रात करीब 12 बजे अपहरणकर्ताओं को चकमा देकर वहां से भाग निकले। उन्होंने एक साइकिल के जरिए जालंधर-पठानकोट मार्ग पर वापस अपने घर की ओर सफर शुरू किया। कड़ाके की ठंड और भूख के कारण वे गांव खुड्डा के पास रुक गए, जहां एक दुकानदार की मदद से उनका संपर्क वहां के सरपंच हरबंस सिंह खुड्डा से हुआ।
सरपंच और पुलिस की मदद से घर वापसी
सरपंच ने तुरंत बच्चों को ठंड से बचाने के लिए गर्म कपड़े और खाने-पीने का सामान मुहैया कराया। बच्चों के माता-पिता ने पहले ही जंडू सिंघा चौकी में उनके लापता होने की रिपोर्ट दर्ज करवा दी थी। सूचना मिलते ही चौकी इंचार्ज कुलदीप सिंह पुलिस पार्टी के साथ मौके पर पहुंचे। सरपंच हरबंस सिंह ने पुलिस की मौजूदगी में बच्चों को उनके परिजनों के हवाले कर दिया।
पुलिस की जांच जारी
चौकी इंचार्ज कुलदीप सिंह ने सरपंच और ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया। जालंधर पुलिस अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है कि आखिर लुटेरों ने किस इरादे से बच्चों का अपहरण किया था और इस साजिश के पीछे कौन लोग शामिल हैं।


