हेरिटेज निगम में हाई कोर्ट के आदेशों की पालना के स्थान पर बड़ा खेल सामने आया है। साल 2013 में दायर एक पीआईएल में सुनवाई करते हुए स्वतः संज्ञान लेकर हाई कोर्ट ने फरवरी 2025 में परकोटे की 19 पूरी तरह अवैध इमारतों को सीज करने के आदेश दिए थे, लेकिन अधिकारियों ने 3 निर्माणाधीन और 2 छोटी इमारतों को सीज कर 14 बड़ी इमारतों को छोड़ दिया। जबकि अवैध निर्माण वाली 19 बिल्डिंगों की यह सूची खुद नगर निगम ने ही हाईकोर्ट में प्रस्तुत की थी। निगम ने जो 14 बड़ी बिल्डिंगों को छोड़ा है, उनमें 20 से लेकर 200 दुकानें और बड़े शोरूम हैं। इनकी औसतन कीमत 20 से 30 करोड़ रु. बताई जा रही है। बता दें कि हाई कोर्ट में सिविल रिट पिटिशन संख्या 15318/2013 कमला नेहरू स्कूल की ओर से दायर की गई थी, जिसमें 4 व्यवसायिक इमारतों के कारण बच्चों की आवाजाही में समस्या बताते हुए इमारतों पर कार्रवाई की मांग की गई थी।


