अफ्रीकी फूल से बना एनर्जी ड्रिंक दुबई में होगा लॉन्च:500 महिलाओं को दिया रोजगार, MP की इकलौती महिला किसान जिनका प्रोडक्ट विदेश जाएगा

क्या आपने कभी सोचा है कि हरदा के एक छोटे से गांव का नक्शा दुबई में बिकने वाले पैकेट पर छपा होगा? जी हां, सिरकंबा गांव की अर्चना नागर धाकड़ ने यह कर दिखाया है। अर्चना ने अपने खेतों में साउथ अफ्रीका के खास फूल ‘रोजेले’ (हिबिस्कस) को न सिर्फ उगाया, बल्कि उससे एक ऐसा नेचुरल एनर्जी ड्रिंक तैयार किया, जिसे अब भारत सरकार 26 जनवरी को दुबई में लॉन्च करने जा रही है। खास बात यह है कि यह सिर्फ बिजनेस नहीं है। अर्चना ने इस काम से गांव की 500 महिलाओं को रोजगार दिया है। ये महिलाएं ही फूल तोड़ती हैं, प्रोसेस करती हैं और ड्रिंक बनाती हैं। अर्चना कहती हैं, मेरी मां का सपना था कि वह एक बड़ी बिजनेस वुमन बनें, लेकिन वे आठवीं पास थीं और हालात ऐसे नहीं थे। आज मैं मां के उसी सपने को जी रही हूं। पैकेट पर हरदा के गांव का मैप और फ्रेंच-अरबी भाषा में जानकारी यह बताने के लिए काफी है कि सिरकंबा गांव की बेटियां अब ग्लोबल हो चुकी हैं। चलिए अब आपको अर्चना के उस सफर पर ले चलते हैं, जिसकी शुरुआत आज से ठीक 10 साल पहले हुई थी। कहते हैं सपनों की कोई सरहद नहीं होती। अकसर कहा जाता है कि सपने देखने के लिए शहर बड़े होने जरूरी नहीं। बस हौसले बुलंद होने चाहिए। मिट्टी में पली-बढ़ी एक बेटी ने जब खेतों की मेड़ से निकलकर कुछ अलग करने की ठानी तो उसका असर अब दुबई के अंतरराष्ट्रीय बाजार में दिखाई देगा। इस ड्रिंक को ‘बरगंडी बाग’ नाम दिया गया है। यह साउथ अफ्रीका के मशहूर फूल ‘रोजेले’ (हिबिस्कस सबदेरिफा) से तैयार किया गया है। भारत सरकार के ‘एपिडा’ (एग्रीकल्चर एंड प्रोसेसड फूड प्रोडक्ट एक्सपोर्ट डेवलपमेंट अथॉरिटी) ने इसे एक्सपोर्ट सर्टिफिकेट दे दिया है, जिससे अर्चना मध्य प्रदेश की इकलौती ऐसी महिला किसान बन गई हैं, जो खुद फसल उगाकर, उसे प्रोसेस कर सीधे विदेश एक्सपोर्ट कर रही हैं। दो साल फेल हुईं, रिसर्च की और फिर तैयार किए बीज
इस सफलता की नींव साल 2016 में पड़ी थी। कॉमर्स में ग्रेजुएट और पॉलिटेक्निक कर चुकीं अर्चना पारंपरिक खेती से हटकर कुछ नया करना चाहती थीं, तभी ऑस्ट्रेलिया से एक फार्मर कंपनी का दल खेती के तरीके समझने हरदा आया। उन्होंने ही अर्चना को ‘हिबिस्कस सबदेरिफा’ फूल के बारे में बताया। विचार तो अच्छा था, लेकिन विदेश से फूल के बीज लाकर उसे देसी माहौल में उगाना बड़ा चैलेंज था। शुरुआत के दो साल सिर्फ असफलता हाथ लगी, लेकिन अर्चना और उनकी मां निर्मला ने हार नहीं मानी। काफी रिसर्च के बाद उन्होंने और उनकी मां निर्मला ने बीज तैयार किए। हरदा की आबोहवा में इसे उगाने का सफल प्रयोग किया और विदेशी फूल को खिलाने में कामयाबी हासिल की। केमिकल फ्री ड्रिंक, खेत से सीधा पैकेट में
कोविड काल में जब पूरी दुनिया में इम्युनिटी पावर की बात हो रही थी, अर्चना ने इसे एक अवसर की तरह देखा। उन्होंने सोचा क्यों न फूलों के इन्हीं अर्क से एक ऐसा नेचुरल ड्रिंक बनाया जाए जो सेहतमंद हो। उन्होंने प्लान बनाया। कई लोगों से जानकारियां जुटाईं, किताबें पढ़ीं। कई बार स्वाद बिगड़ा, तो कई बार फॉर्मूला, लेकिन अंततः वह नेचुरल एनर्जी ड्रिंक तैयार हो गया, जो केमिकल फ्री था और सीधे खेत से प्रोसेस होकर सैशे में बंद हो रहा था। वे ड्रिंक के लिए फूल खुद अपने खेतों में उगाती हैं। पैकेजिंग पर गांव का नक्शा, ताकि दुनिया जाने प्रोडक्ट कहां बना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने के लिए अर्चना ने प्रोडक्ट की ब्रांडिंग और पैकेजिंग में खास ध्यान रखा है। पैकेट पर हरदा के सिरकंबा गांव का मैप (नक्शा) छापा गया है। यह इसलिए किया गया ताकि उपभोक्ता को पता चल सके कि जो प्रोडक्ट वो इस्तेमाल कर रहे हैं, वो कहां और कैसे बना है। एक्सपोर्ट के लिए प्रोडक्ट की जानकारी अरेबिक, फ्रेंच और इंग्लिश भाषा में लिखी गई है। यह लिक्विड नहीं, बल्कि प्रीमिक्स है अर्चना बताती हैं कि यह एनर्जी ड्रिंक लिक्विड नहीं, बल्कि प्रीमिक्स (पाउडर) फॉर्म में है। पानी में घुलते ही इसका रंग गहरा लाल (बरगंडी/वाइन कलर) हो जाता है। इसका स्वाद खट्टा-मीठा है। इसमें चीनी की जगह ‘मिश्री’ और स्वाद के लिए ‘हिमालयन पिंक सॉल्ट’ का इस्तेमाल किया गया है। लॉन्च होने के बाद दुबई में भारतीय रुपयों में 150 ग्राम के पैकेट (15-15 ग्राम के 10 सैशे) की कीमत 600 रुपए के करीब होगी। वहीं भारत में यह 299 रुपए में मिल रहा है। हरदा के खेत से गुजरात जाते हैं फूल
फूल तोड़ने के बाद 15-20 दिन खुली धूप में सुखाते हैं। इसके बाद इन्हें पॉली हाउस में रखा जाता है, जहां इनकी सफाई होती है। यहां से सूखे फूल गुजरात (आनंद) भेजे जाते हैं। गुजरात की फैक्ट्री में दो अलग सेटअप हैं। पहले में ग्राइंडिंग होती है (एनर्जी ड्रिंक और आइस टी के लिए) और दूसरे में कटिंग होती है (ग्रीन टी और हर्बल टी के लिए)। गुजरात में पैक होकर प्रोडक्ट इंदौर हेड ऑफिस आता है, जहां से डिस्ट्रीब्यूशन होता है। सेहत और शेल्फ लाइफ
इसमें विटामिन A, B, C, E और B12 भरपूर मात्रा में मौजूद हैं साथ ही आयरन, कैल्शियम, फोलिक एसिड, पोटेशियम और सोडियम का नेचुरल सोर्स है। यह ओवरऑल हेल्थ पर पॉजिटिव असर डालता है। इसकी शेल्फ लाइफ 18 महीने की है। ब्रांड ‘बरगंडी बाग’ 4 कैटेगरीज में डील करता है- ग्रीन टी, हर्बल टी, एनर्जी ड्रिंक और आइस टी । इन सभी में कई अलग-अलग फ्लेवर्स मौजूद हैं। अर्चना ने बताया कि एक एकड़ में फूल उगाने का खर्च करीब 2 लाख रुपए आता है। लॉन्च होने के बाद भारत में इसे इनकी खुद की वेबसाइट से खरीदा जा सकता है। 500 महिलाओं को मिला रोजगार
‘बाग से सीधे टेबल पर’ कॉन्सेप्ट वाला यह ड्रिंक अर्चना के पुश्तैनी काम को नए अंदाज में पेश कर रहा है। महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देते हुए उन्होंने गांव की करीब 500 महिलाओं को सालभर के लिए रोजगार दिया है। ये महिलाएं ही खेतों में पौधे रोपने, फूल तैयार होने पर उन्हें तोड़ने, सुखाने का काम करती हैं। इस काम के लिए अर्चना को एसबीआई की कृषि शाखा से आर्थिक सहायता भी मिली है। मां 8वीं पास हैं, बिजनेस वुमन बनना चाहती थीं
अर्चना के पिता मधुसूदन धाकड़ उन्नत कृषक हैं और क्षेत्र में ‘टमाटर किंग’ के नाम से जाने जाते हैं। उनकी मां निर्मला धाकड़ 8वीं पास हैं, लेकिन उनका सपना था कि वे खेती के जरिए एक अच्छी बिजनेस वुमन बनें। ग्रामीण परिवेश के चलते वे खुद तो यह नहीं कर पाईं, लेकिन उनकी बेटी अर्चना ने खेतों में लगे फूलों से प्रोडक्ट तैयार कर और उसे इंटरनेशनल लेवल पर लॉन्च कर मां के सपने को पूरा कर दिया है। मां निर्मला बताती हैं कि वे बेटी के लिए फूलों की खेती में मदद करती हैं। ‘लोकल फॉर वोकल’ को जीवन में अपनाया
अर्चना नागर ने बताया- “पीएम नरेंद्र मोदी के सपने ‘लोकल फॉर वोकल’ को मैंने अपने जीवन में अपनाया है। अधिकांश प्रोडक्ट में कंपनियों द्वारा अन्य लोगों से कच्चा माल खरीदा जाता है। लेकिन हमारे इस एनर्जी ड्रिंक की शुरुआत से लेकर उसकी पूरी प्रक्रिया को स्वयं तैयार किया है। हमारा उद्देश्य बगीचे में तैयार फूलों से तैयार ड्रिंक को उपभोक्ता के टेबल पर पहुंचाना है। ताकि वह इसका आनंद ले सके।” मिडिल ईस्ट, यूरोप, एशिया और अफ्रीका के बड़े खरीदार पहुंचेंगे
बता दें कि गल्फूड दुबई 2026 जहां यह एनर्जी ड्रिंक लॉन्च होगी वह दुनिया के सबसे बड़े फूड और बेवरेज ट्रेड शो में से एक है। यह प्रदर्शनी 26 से 30 जनवरी तक दुबई वर्ल्ड ट्रेड सेंटर (DWTC) में आयोजित होगी। इसमें दुनिया भर से फूड ब्रांड्स, खरीदार, डिस्ट्रीब्यूटर्स और इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स भाग लेते हैं। गल्फूड एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जहां नए प्रोडक्ट्स लॉन्च और इंटरनेशनल नेटवर्किंग के मौके मिलते हैं। इस आयोजन में मिडिल ईस्ट, यूरोप, एशिया और अफ्रीका के बड़े खरीदार सक्रिय रूप से पहुंचते हैं।

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