पंजाब के फाजिल्का जिले के अबोहर सरकारी अस्पताल में रिश्वत मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। विभाग ने सभी सरकारी अस्पतालों को निर्देश जारी किए हैं। अब डॉक्टरों के कमरों के बाहर कोई अनधिकृत व्यक्ति नहीं बैठ सकेगा। मामला अबोहर के सरकारी अस्पताल का है। एक सर्जन डॉ. स्वप्निल अरोड़ा पर आरोप लगा कि उनके निजी सहायक राहुल ने ऑपरेशन के नाम पर 5 हजार रुपए की रिश्वत ली। हलका इंचार्ज की सीएम को शिकायत वहीं एक अन्य कर्मचारी ने भी 200 रुपए लिए। शिकायतकर्ता सुभाष ने यह मामला उठाया। हलका इंचार्ज अरुण नारंग ने मामले को स्वास्थ्य मंत्री और मुख्यमंत्री तक पहुंचाया। इसके बाद स्वास्थ्य मंत्रालय ने तुरंत एक्शन लिया। जिला सिविल सर्जन को कड़े निर्देश जारी किए गए। सिविल सर्जन ने जिले के सभी अस्पतालों, पीएचसी और सीएचसी सेंटरों को पत्र जारी किया है। भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं करेगी सरकार विभाग की ओर से निर्देश दिए हैं कि अगर कोई अनधिकृत व्यक्ति डॉक्टर के कमरे के बाहर दिखाई दे, तो उसे तुरंत पुलिस के हवाले किया जाए। विभाग ने स्पष्ट किया है कि पंजाब सरकार भ्रष्टाचार बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगी। आदेश जारी होते ही अबोहर सिविल अस्पताल में प्रभाव दिखा। डॉक्टरों के कमरों के बाहर एक भी अनधिकृत व्यक्ति नहीं दिखाई दिया।


