भारतीय जनता पार्टी जिला कार्यालय में एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया, जिसमें केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए ग्रामीण रोजगार कानून ‘विकसित भारत – रोजगार और आजीविका मिशन की गारंटी (ग्रामीण)’ [VB-G RAM G] पर विस्तृत चर्चा की गई। प्रेस कॉन्फ्रेंस को जिला अध्यक्ष हर्षिणी कुलहरी, पूर्व सांसद संतोष अहलावत, वरिष्ठ नेता राजेन्द्र भांबू और जिला मंत्री वीरपाल सिंह शेखावत ने संबोधित किया। नेताओं ने संयुक्त रूप से कहा कि यह बिल महात्मा गांधी की भावनाओं के अनुरूप और ‘राम राज्य’ की अवधारणा को साकार करने वाला है। गरीबों की गरिमा और 125 दिन के काम की गारंटी जिला अध्यक्ष हर्षिणी कुलहरी ने कहा कि मोदी सरकार का लक्ष्य हर गरीब को रोजगार और सम्मान देना है। उन्होंने बताया, “नई योजना के तहत अब हर ग्रामीण परिवार को साल में 125 दिन के रोजगार की गारंटी मिलेगी। विशेष रूप से वन क्षेत्रों में काम करने वाले जनजाति (ST) भाई-बहनों को 25 दिन का अतिरिक्त रोजगार दिया जाएगा। यह योजना
विकसित भारत 2047′ के विजन को धरातल पर उतारेगा पूर्व सांसद संतोष अहलावत ने कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि कांग्रेस ने दशकों तक योजनाओं का उपयोग केवल एक परिवार के महिमामंडन के लिए किया। उन्होंने कहा, “मोदी जी ने योजनाओं को सेवा से जोड़ा है। जहां कांग्रेस ने खेल रत्न से लेकर सड़कों तक के नाम गांधी-नेहरू परिवार पर रखे, वहीं मोदी जी ने राजपथ को ‘कर्तव्य पथ’ और PMO को ‘सेवा तीर्थ’ बनाया। कांग्रेस को भगवान राम और विकसित भारत के नाम से नफरत क्यों है। मनरेगा से बेहतर और पारदर्शी है नया ढांचा विधायक राजेन्द्र भांबू ने तकनीकी सुधारों पर जोर देते हुए कहा, मनरेगा में पारदर्शिता का अभाव था, लेकिन नए कानून में AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के जरिए फ्रॉड पकड़ा जाएगा। GPS और मोबाइल मॉनिटरिंग से रियल टाइम डेटा अपलोड होगा। अब मजदूरों को 15 दिन का इंतजार नहीं करना होगा, बल्कि हर हफ्ते भुगतान की व्यवस्था की गई है। खेती और विकास का संतुलन जिला मंत्री वीरपाल सिंह शेखावत ने बताया कि यह बिल किसानों के हित में है। उन्होंने कहा, “बुआई और कटाई के सीजन में 60 दिन काम बंद रखने का प्रावधान किया गया है ताकि खेतों में मजदूरों की कमी न हो। हमारा फोकस जल सुरक्षा, ग्रामीण सड़कों और खराब मौसम के प्रभाव को कम करने पर है।
कांग्रेस के ‘नामकरण’ की राजनीति पर प्रहार नेताओं ने आंकड़े देते हुए बताया कि मनरेगा पर अब तक कुल 11.74 लाख करोड़ खर्च हुए, जिसमें से अकेले मोदी सरकार ने 8.53 लाख करोड़ रुपये दिए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने सरदार पटेल, सुभाष चंद्र बोस और लाल बहादुर शास्त्री जैसे महापुरुषों की अनदेखी की और 600 से ज्यादा योजनाओं के नाम सिर्फ एक परिवार पर रखे।


