इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद राजधानी में भी पीने के पानी की शिकायतें तेजी से बढ़ी हैं। शहर में हर घंटे औसतन दो शिकायतें दर्ज हो रही हैं। बीते 24 घंटे में कुल 48 शिकायतें आईं, जिनमें से 17 का ही समाधान हो सका। निगम के रिकॉर्ड के मुताबिक 31 शिकायतों पर काम जारी है। नगर निगम अब तक करीब 1400 से अधिक पानी के सैंपल ले चुका है। निगम का दावा है कि अभी तक कोई भी सैंपल फेल नहीं हुआ है। नगर निगम कमिश्नर संस्कृति जैन ने नरेला क्षेत्र की पानी टंकियों का निरीक्षण किया। जलकार्य विभाग का दावा है कि झुग्गी बस्तियों के 347 स्थानों सहित कुल 1453 जगहों से पानी के सैंपल लिए। मंगलवार को 95 सीवेज चैंबर भी साफ किए गए। शहर में पानी सप्लाई और शिकायत निस्तारण के लिए करीब 2500 कर्मचारियों का अमला तैनात है। यह पानी देता है निगम! बरखेड़ा पठानी की टंकी में तैरती दिखी गंदगी, राहुल नगर में भी गंदा पानी पानी की जांच के लिए फीस नगर निगम कच्चे और फिल्टर किए गए पानी की 15 पैरामीटर पर जांच करता है। पानी की गुणवत्ता के अनुसार एलम और क्लोरीन मिलाकर सप्लाई की जाती है। पानी की सामान्य जांच के लिए निगम 1300 रुपए लेता है। पीएचई जांच करने के लिए 2500 रुपए लेता है। गंदा पानी आपूर्ति के आरोप… गोविंदपुरा विधानसभा से कांग्रेस प्रत्याशी रहे रविंद्र साहू ने बरखेड़ा पठानी स्थित पानी की टंकी का निरीक्षण किया। उन्होंने टंकी में सुरक्षा और सफाई के इंतजाम न होने का आरोप लगाया। वहीं, राहुल नगर संप टैंक का वीडियो सामने आया, जिसमें एक टंकी से गंदा पानी निकलता दिखा। बड़े तालाब में मिल रहा वेस्ट… नगर निगम की नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी, कांग्रेस पार्षद गुड्डू चौहान सहित अन्य पार्षद मंगलवार सुबह 11:15 बजे श्यामला हिल्स स्थित फिल्टर प्लांट पहुंचे। फिल्टरिंग के बाद बचा वेस्ट वाटर बड़े तालाब में मिलने पर आपत्ति जताई गई। सिटी इंजीनियर ने बताया कि जल्द इसे ठीक किया जाएगा।


