आजादी के बाद पहली बार बीजापुर के धुर नक्सली क्षेत्र गुण्डेम में मोबाइल का टावर लगाया गया है। इसके पहले कई बार सरकार ने टावर लगाने का प्रयास किया लेकिन नक्सली लगने नहीं देते थे। यहां के लोगों के पास मोबाइल तो था लेकिन टावर खोजते-खोजते चार किमी पैदल तर्रेम तक जाना पड़ता था। बिजली भी नहीं थी, मोबाइल चार्ज करने 8-10 किमी दूसरे गांव जाते थे। अब बिजली के तार भी खींच दिए गए हैं। सबसे बड़ी बात यहां के लोगों नजदीक के बाजार पामेड कभी नहीं जा पाते थे। वजह थी नक्सलियाें का काला साया। और पामेड के लोग भी तेलंगाना का चक्कर काटकर 250 किमी का सफर कर बीजापुर पहुंचते थे। जिला कार्यालय होने की वजह से हर छोटे काम के लिए इतनी लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। लेकिन, अब बीजापुर से गुण्डेम होते हुए पामेड की बस भी सरकार ने चालू कर दी है। इससे पामेड के लोग 80 किमी का सफर कर ही बीजापुर पहुंच रहे हैं। वहीं गुण्डेम के लोगों के लिए बाजार करने पामेड पहुंच पा रहे हैं। शाह ने गांव वालों से टावर किया था वादा 16 दिसंबर 2024 को केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बीजापुर प्रवास पर आए थे। इस दौरान उन्होंने सुरक्षाबलों से धुर नक्सली क्षेत्र में जाने के लिए कहा, तो उन्हें गुण्डेम ही ले जाया गया था। वहां शाह ने जब ग्रामीणों से पूछा कि तुम्हें क्या चाहिए, तो सभी ने एक सुर में कहा था मोबाइल का नेटवर्क ला दीजिए। एक छोटे से फोन के लिए बहुत दूर तक जाना पड़ता था। उसी समय शाह ने वादा किया था कि तीन महीने में आप घर से बैठकर फोन पर बात करेंगे। बस ने बदल दी है जिंदगी बीजापुर के पुलिस अधीक्षक जीतेंद्र यादव बताते हैं कि गुण्डेम और पामेड के लोग छोटी-छोटी जरूरतों के लिए कई किलोमीटर का सफर तय करते थे। हम लोग जब वहां पहुंचते थे तो उनकी दुर्दशा देखकर बहुत दुख होता था। गुण्डेम के लोग 30 किमी दूर पामेड तक नहीं जा पाते थे। अब पक्की सड़कें बन रही हैं। जबकि पहले सड़कों में लैंडमाइंस का डर लगा रहता था, लेकिन अब इस रोड पर हर दिन सरकारी बस चल रही है। युवा इंटरनेट से करेंगे पढ़ाई
गुण्डेम में आजादी के बाद से न तो बस पहुंच पाई थी और न मोबाइल नेटवर्क। बीजापुर जिला कार्यालय आने के लिए कोई पब्लिक ट्रांसपोर्ट भी नहीं था। ग्रामीणों ने जब अपना दर्द सांझा किया तो सबसे पहले हमने बस शुरू करवाई। अब वहां मोबाइल टावर भी लग गया है। अब यहां के युवा इंटरनेट पर पढ़ाई करेंगे। हमारा प्रयास है कि नियद नेल्लानार योजना के तहत गुण्डेम जैसे हर धुर नक्सली क्षेत्र में बुनियादी सुविधाएं पहुंचे।
विजय शर्मा, उपमुख्यमंत्री


