रीवा जिले के नगरीय क्षेत्रों में अब नालियों का गंदा पानी सीधे नदियों में नहीं छोड़ा जाएगा। कलेक्ट्रेट में आयोजित समीक्षा बैठक में कलेक्टर प्रतिभा पाल ने इस संबंध में सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने नगर पंचायत त्योंथर और गोविंदगढ़ में सीवरेज ट्रीटमेंट के प्रोजेक्ट की समीक्षा करते हुए कहा कि गंदे पानी को उपचारित करने के बाद ही जलस्रोतों में छोड़ा जाए। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि शहर की सभी नालियों के पानी को एक जगह इकट्ठा करने के लिए उन्हें आपस में जोड़ा जाए। जहां जरूरत हो, वहां अनिवार्य रूप से नई नालियों का निर्माण भी कराया जाए। उन्होंने कहा कि यह मॉडल अन्य नगरीय निकायों में भी लागू किया जाएगा ताकि जल प्रदूषण पर प्रभावी रोक लग सके। त्योंथर: 1.5 एकड़ में वेटलैंड टेक्नोलॉजी से सफाई
बैठक में बताया गया कि नगर पंचायत त्योंथर में ‘वेटलैंड टेक्नोलॉजी’ के जरिए गंदे पानी का उपचार किया जाएगा। गोविंदगढ़ में बनेगा पंपिंग स्टेशन
गोविंदगढ़ नगर पंचायत के लिए भी अलग प्रोजेक्ट तैयार है। यहां एक पंपिंग स्टेशन, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और नाली निर्माण का कार्य प्रस्तावित है। अधिकारियों ने बताया कि ये सभी कार्य ‘स्वच्छ भारत मिशन’ के तहत होंगे और इसके लिए जमीन भी चिह्नांकित कर ली गई है।


