अब प्रोविडेंट फंड के क्लेम पर ब्याज का भुगतान उस दिन तक होगा, जिस दिन दावे का निपटारा किया जाएगा। अभी तक ब्याज केवल उस महीने के अंत तक दिया जाता था, जब क्लेम का आवेदन जमा होता था। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने हाल ही में यह बड़ा बदलाव किया है। नई व्यवस्था अंशधारकों के लिए अधिक फायदेमंद होगी, क्योंकि यह लंबित दिनों के लिए ब्याज के नुकसान को रोकने में मदद करेगी। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के अनुसार कर्मचारी प्रोविडेंट फंड स्कीम 1952 के पैराग्राफ 60(2)(बी) में संशोधन को मंजूरी दे दी है। अंशधारक को दावे का निपटारा होने तक ब्याज मिलता रहेगा। पहले के नियमों के तहत यदि क्लेम माह की 24 तारीख तक सेटल होता था, तो ब्याज केवल पिछले महीने के अंत तक ही दिया जाता था। अब अंशधारकों को ब्याज का लाभ क्लेम के सेटलमेंट की तारीख तक मिलेगा। इससे उन्हें अधिक वित्तीय लाभ होगा और निपटारे की प्रक्रिया भी तेज होगी। महीने भर के दौरान दावे निपटाए जाएंगे। यह बदलाव विशेष रूप से उन अंशधारकों के लिए फायदेमंद है, जिनके दावों में विलंब होता है। अब अतिरिक्त समय तक का ब्याज भी मिलेगा। इसकी पुष्टि केंद्रीय श्रम मंत्रालय के संयुक्त सचिव केके. सोन ने की है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने अंशधारकों की जमा लिंक्ड बीमा योजना के तहत लाभ को इस साल अप्रैल से रेट्रोस्पेक्टिव प्रभाव के साथ विस्तारित किया है। इसमें अधिकतम 7 लाख रुपए का बीमा कवर शामिल है। इसके अलावा केंद्रीकृत पेंशन भुगतान प्रणाली की भी योजना है, जिससे जनवरी से 78 लाख पेंशनभोगियों को सीधा भुगतान होगा।


