फतहसागर झील में मुंबईया बाजार वाले प्वाइंट से संचालित होने वाली नावों को लेकर अब नए टेंडर में सोलर-बैट्री से संचालित नावों को ही रखा जाएगा। असल में अब तक जो टेंडर था उसकी आखिरी तारीख 31 दिसम्बर तक थी। उदयपुर विकास प्राधिकरण (UDA) ने नए टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी है। असल में उदयपुर की फतहसागर झील का मालिकाना हक उदयपुर विकास प्राधिकरण और पिछोला झील का नगर निगम के पास है। यूडीए फतहसागर झील में नाव संचालन के लिए यूडीए ने पहले श्रीरामदेव जनरल मोटर्स को जिम्मा दे रखा था और उसकी टेंडर अवधि 31 दिसम्बर को समाप्त हो गया। यूडीए यहां अब नया टेंडर करने जा रहा है जिसमें अब सोलर बैट्री की नावों की शर्त को अनिवार्य कर रहा है ऐसे में अब यहां जो भी फर्म नाव संचालन का काम लेगी उसको यही नावे संचालित करनी होगी। अभी नावों का संचालन बंद, बकाया जमा होगा तो आगे बढ़ाएंगे
इधर, फर्म का 31 दिसम्बर को कार्य अवधि खत्म होने के बाद मुंबईया बाजार वाले प्वाइंट पर नाव संचालन बंद कर दिया है। वैसे अब तक यह होता आया कि नया टेंडर होने तक जो फर्म नाव संचालन कर रही है उसको ही आगे नाव संचालन की स्वीकृति दी जाती है। इस फर्म की UDA में बकाया राशि जमा नहीं हुई ऐसे में स्वीकृति अभी तक नहीं दी गई है। इको फ्रेंडली नावों का संचालन इसलिए
झीलों को लेकर जोधपुर हाईकोर्ट ने पिछोला और फतहसागर झील में चल रही सभी नावें बेट्री व सोलर संचालित करने का आदेश दिया था। इसी के तहत फतहसागर और पिछोला झील में पेट्रोल-डीजल से संचालित बोट के संचालन पर रोक लगाने के साथ ही झीलों में सभी बोट को बैट्री या सोल में बदलने को कहा। इसी के साथ यूडीए फतहसागर झील को साफ रखने के लिए इको फ्रेंडली नावों का संचालन करवाना चाहता है।


