अब बिना सूचना गर्भवती को रेफर नहीं करेंगें सीएचसी-पीएचसी:सीएमएचओ ने दिए सख्त निर्देश; कहा- हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी की डॉक्टर से अनिवार्य जांच

भोपाल में मातृ मृत्यु के मामलों ने स्वास्थ्य विभाग को गंभीर चिंता में डाल दिया है। जयप्रकाश जिला चिकित्सालय में हुई एमडीएसआर समीक्षा बैठक में सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा ने साफ शब्दों में कहा कि अब किसी भी गर्भवती को बिना सूचना रेफर नहीं किया जाएगा। बैठक में पाया गया कि कई मातृ मृत्यु प्रकरणों में समय पर जांच, हाई रिस्क पहचान और रेफरल प्रक्रिया में गंभीर चूकें सामने आई हैं। इन्हें रोकने के लिए उन्होंने निर्देश दिए कि हाई-रिस्क गर्भवती की जांच अनिवार्य रूप से चिकित्सक करेंगे और रेफरल से पहले संबंधित अस्पताल को जानकारी देना जरूरी होगा। बैठक में स्वास्थ्य टीम ने प्रकरणों की कई स्तरों पर जांच की। इसमें समय पर पंजीयन, एएनसी जांच, मातृ-शिशु सुरक्षा कार्ड में प्रविष्टि, एक्सटेंडेड प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान में परीक्षण, अनमोल पोर्टल पर डेटा एंट्री और हाई-रिस्क गर्भवती की पहचान जैसे पॉइंट शामिल थे। कई मामलों में लापरवाही सामने आने पर तुरंत सुधार के निर्देश दिए गए। रेफरल प्रक्रिया बड़ी कमजोरी
समीक्षा में यह तथ्य भी सामने आया कि कई मृत्यु में रेफरल प्रक्रिया समय पर नहीं हुई। कई गर्भवती मरीजों को बिना पूर्व सूचना अगले अस्पताल भेज दिया गया, जिससे उनके उपचार में देरी हुई। इसी कारण कुछ मामलों में स्थिति गंभीर होती चली गई। इन्हीं कमजोरियों को रोकने के लिए सीएमएचओ ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा ने कहा कि इन अधिकांश जटिलताओं को समय पर पहचान और उचित उपचार से रोका जा सकता है। उन्होंने कहा गर्भावस्था के दौरान छोटी सी चूक भी बड़ी त्रासदी में बदल सकती है, इसलिए हर स्तर पर प्रोटोकॉल का पालन जरूरी है। सीएमएचओ ने दिए यह निर्देश मातृ मृत्यु के सबसे आम कारण महिला स्वास्थ्य से जुड़ी सरकारी योजनाएं

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