अलवर में रात डेढ़ बजे तक होलिका दहन हुआ। अब मंगलवार सुबह से रंग गुलाल उड़ाना भी शुरू हो गया। गांवों में सोमवार रात 8 बजे के आसपास बहुत जगहों पर होलिका दहन किया गया। शहरों में ज्यादा जगहों पर होलिका दहन रात डेढ़ बजे के आसपास हुआ है। लेकिन अब धुलंडी का गुलाल मंगलवार सुबह से शुरू हो गया है। गांवों में जहां रात 8 बजे के आसपास होलिका दहन किया गया। वहां सुबह से धुलंडी शुरू हो गई है। बच्चों में धुलंडी का अधिक उत्साह रहता है। इसलिए सुबह से रंग-गुलाल उड़ाना शुरू हो गया है। होलिका दहन के मुहुर्त के अनुसार दो दिन धुलंडी मनेगी। लेकिन पहले दिन मंगलवार को अधिक रंग गुलाल उड़ाने पर जोर रह सकता है। वैसे बहुत जगहों पर धुलंडी बुधवार को रहेगी। इस कारण दोनों दिन धुलंडी का असर रह सकता है। दुकानों पर खूब खरीददारी अलवर में दुकानों पर दो दिन से रंग गुलाल की खूब खरीददारी है। बच्चों ने पिचकारी व पक्का रंग भी लिया है। अब बाजार में हर्बल गुलाल की खूब मांग है। अलवर में पलाश के फूलों से बनाए गए जैविक गुलाल का क्रेज बढ़ा है। जिसके कारण वन विभाग के जरिए तैयार गुलाल पूरा बिक गया। गांवों में डीजे पर डांस हर बार की तरह गांवों में डीजे पर खूब डांस होता है। धुंलडी खेलने वाले नाचते गाते नजर आते हैं। अब धीर-धीरे इसका चलन भी बढ़ गया है। वैसे शहरा में भी जमकर मस्ती होती है। दूसरी तरफ पुलिस भी हुड़दंग करने वालों को पकड़ने की पूरी तैयारी कर चुकी है।


