रिम्स में संचालित रेडियोलॉजी सेंटर हेल्थ मैप का कॉन्ट्रैक्ट सरकार के साथ खत्म हो चुका है। रिम्स अब इसे एक्सटेंशन नहीं दे रहा। हेल्थ मैप का सबसे बड़ा सेंटर रिम्स में संचालित है। चूंकि यहां मरीजों का फ्लो इतना ज्यादा है कि पूर्व में रिम्स का रेडियोलॉजी विभाग इसे संभाल पाने की स्थिति में नहीं था। रिम्स के पास तब आउटडेटेड मशीनें थीं। हेल्थ मैप में एडवांस मशीन होने के कारण मरीजों को गुणवत्तापूर्ण जांच मिल रही थी। सरकार के साथ एग्रीमेंट के तहत मरीजों की सभी जांच अन्य निजी रेडियोलॉजी सेंटर की तुलना में करीब 50 से 60% तक किफायती दरों पर की जा रही थी। अब एग्रीमेंट खत्म होने के बाद हेल्थ मैप को बंद करना होगा। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि रिम्स में आने वाले मरीजों की जांच कैसी होगी? क्या अब रिम्स में अपने संसाधन बढ़े हैं? क्या रेडियोलॉजी विभाग डेवलप हुआ है? इन सवालों के जवाब हां में हैं। रिम्स में मरीजों की हेल्थ मैप पर निर्भरता एमआरआई जांच, सीटी स्कैन और अल्ट्रासाउंड जांच के लिए अधिक थी। अब रिम्स के पास अपनी एमआरआई मशीन है, 2 सीटी स्कैन मशीन, अल्ट्रासाउंड समेत अन्य उपकरण हैं। इसलिए हेल्थ मैप के बंद होने से मरीजों पर इसका असर नहीं पड़ेगा। आरआईओ बिल्डिंग में लग चुकी है एमआरआई मशीन रिम्स में पांच साल से एमआरआई जांच प्रभावित थी। पुरानी मशीन के खराब होने के बाद जांच नहीं हो रही थी। लेकिन दो माह पहले आरआईओ बिल्डिंग में थ्री टेस्ला एमआरआई मशीन इंस्टॉल की गई है। यहां जांच भी शुरू हो चुकी है। लेकिन अभी थोड़ी परेशानी यह है कि अभी केवल बिना कंट्रास्ट वाली जांच ही की जा रही हैं। क्योंकि कंट्रास्ट जांच के लिए जो जरूरी दवा की जरूरत होती है, उसका प्रबंध अबतक नहीं हो सका है। जल्द ही कैंसर जांच व इलाज के लिए 36 करोड़ के उपकरण भी रिम्स में कैंसर की जांच से लेकर इलाज तक की सुविधाओं को एडवांस बनाने की दिशा में ठोस पहल शुरू हो गई है। प्रबंधन ने कैंसर विभाग के लिए करीब 36 करोड़ रुपए से अधिक की करीब आधा दर्जन से अधिक अत्याधुनिक और हाई-एंड मशीनों और उपकरण खरीदे जा रहे हैं। इन मशीनों के आने से कैंसर की पहचान, रेडिएशन थेरेपी और सटीक इलाज पहले से कहीं ज्यादा प्रभावी तरीके से हो सकेगा। साथ ही कैंसर मरीजों को इलाज के लिए बाहर भेजने की मजबूरी काफी हद तक खत्म हो सकेगी। कितनी किफायती है रिम्स की जांच जांच रिम्स हेल्थ मैप निजी सेंटर इन हाई एंड मशीनों की हो रही खरीद {मेमोग्राफी मशीन (स्तन कैंसर की पहचान के लिए) {कीमत लगभग 4 करोड़ रुपए {लीनियर एक्सेलरेटर मशीन (रेडिएशन आंकोलॉजी के लिए) – करीब 22 करोड़ रुपए {सरफेस गाइडेड रेडियोथेरेपी मशीन – लगभग 2.5 करोड़ रुपए {डोसिमेट्री मशीन – करीब 3 करोड़ रुपए {4डी सीटी स्कैन मशीन – लगभग 9 करोड़ रुपए {ब्रैकीथेरेपी मशीन – करीब 5 करोड़ रुपए (अलग से प्रस्तावित) नोट : रिम्स के रेट रिवाइज कर और कम किए जा सकते हैं। एमआरआई मशीन सीटी स्कैन की दो मशीनों से रोज 40 जांच… एक और एडवांस एमआरआई मशीन भी लगेगी, हो चुका वर्कऑर्डर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हिरेन बिरूआ ने बताया कि रिम्स में एक एमआरआई मशीन क्षेत्रीय नेत्र संस्थान बिल्डिंग में इंस्टॉल की जा चुकी है। यह फंक्शनल भी हो चुकी है। जल्द ही रिम्स में एक और एडवांस एमआरआई मशीन पहुंच जाएगी। इस एडवांस थ्री टेसला वाली मशीन की कीमत 22 करोड़ रुपए है। इसके लिए प्रबंधन ने चयनित सप्लायर को वर्कऑर्डर भी जारी कर दिया है। रिम्स में सीटी स्कैन के लिए पहले जहां एक आउटडेटेड मशीन थी, वह भी बार-बार खराब होती रहती थी। अब रिम्स के पास एक नहीं, बल्कि दो नई एडवांस सीटी स्कैन मशीनें हैं। यहां 1500 से लेकर 2500 तक में हर तरह की सीटी स्कैन जांच की जा रही है। हर दिन करीब 40 से 50 मरीजों को जांच सुविधा मिल पा रही है। कार्डियोलॉजी विभाग में 2 ईकोकार्डियोग्राफी मशीनें पुरानी ईको मशीन के खराब होने के बाद करीब दो साल पहले कार्डियोलॉजी विभाग में दो नई ईकोकार्डियोग्राफी मशीन इंस्टॉल की गई हैं। एक मशीन विभाग के ओपीडी एरिया में ओपीडी और इमरजेंसी मरीजों के लिए है। जबकि दूसरी मशीन तीसरे तल्ले में भर्ती मरीजों के लिए लगाई गई है। मात्र 180 रुपए के शुल्क में जांच आसानी से उपलब्ध है।


