राज्य सरकार ने गार्गी और बालिका प्रोत्साहन पुरस्कार की आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है। अब आवेदन स्कूल स्तर से ही भरे जाएंगे, जिससे बालिकाओं को ई-मित्र केंद्रों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। विभाग ने आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसे 15 दिसंबर तक पूरा किया जा सकेगा। स्कूलों से ही भरेंगे ऑनलाइन आवेदन राज्य सरकार ने बालिकाओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करने वाली गार्गी पुरस्कार और बालिका प्रोत्साहन पुरस्कार योजना को और सुविधाजनक बना दिया है। अब पात्र बालिकाओं के आवेदन स्कूल स्तर से ऑनलाइन दर्ज होंगे।माध्यमिक जिला शिक्षा अधिकारी राजेश मोल ने बताया कि अब न तो छात्राओं को और न ही अभिभावकों को ई-मित्र की लाइन में लगना पड़ेगा। पूरी प्रक्रिया स्कूल में ही पूरी हो जाएगी। सरकारी और निजी स्कूलों के लिए अलग पोर्टल सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली छात्राओं के आवेदन ‘शाला दर्पण’ पोर्टल पर भरे जाएंगे।निजी स्कूलों की छात्राओं के लिए ‘प्राइवेट स्कूल पोर्टल’ निर्धारित किया गया है। दोनों पोर्टल पर स्कूल लॉगिन के बाद स्टूडेंट का सत्र, योजना का चयन और आवेदन की जानकारी भरनी होगी। आवेदन प्रक्रिया 15 दिसंबर तक जारी विभाग ने इस वर्ष से स्कूलों में ही आवेदन व्यवस्था शुरू की है। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जो 15 दिसंबर तक चलेगी। यदि स्टूडेंट का नाम पात्र सूची में नहीं दिखता, तो माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के 10वीं/12वीं कक्षा के रोल नंबर से भी सर्च कर आवेदन भरा जा सकेगा। पुरस्कार राशि सीधे बैंक खाते में जाएगी स्कूल स्तर पर होगी पूरी प्रक्रिया सभी आवेदन स्कूल की ओर से ऑनलाइन भरवाए जाएंगे। स्कूल लॉगिन करते ही सत्र और योजना का चयन, अप्लाई बटन पर विवरण भरना, आवश्यक सूचनाओं को अपलोड करना-सब कुछ स्कूल की जिम्मेदारी होगी। इससे छात्राओं को किसी प्रकार की अतिरिक्त परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी।


