राज्य सरकार ने झारखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं काे बढ़ाने और ग्रामीणों काे इसका लाभ देने के लिए योजना बनाई है। इसके तहत राज्य में जल्द ही स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अंतर्गत झारखंड कम्युनिटी हेल्थ असिस्टेंट संवर्ग (भर्ती, प्रोन्नति एवं अन्य सेवाशर्त) नियमावली-2025 का गठन किया जा रहा है। नियमावली के गठन हाेने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य उपकेंद्रों में कम्युनिटी हेल्थ असिस्टेंट की बहाली की जाएगी। स्वास्थ्य उपकेंद्रों में यह एक नियमित पद हाेगा। इससे ग्रामीणों काे चिकित्सा में काफी सहयोग मिल सकेगा। राज्य सरकार की ओर से इस नियमावली काे लगभग तैयार कर लिया गया है। इसे कार्मिक समेत अन्य विभागों से स्वीकृति लेने के बाद मंत्रिमंडल काे भेजा जाएगा। क्यों पड़ी जरूरत : चिकित्सा पदाधिकारियों के स्वीकृत बल के विरुद्ध चिकित्सा पदाधिकारियों की कमी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष कमी रहती है। इसके मद्देनजर भारत सरकार के दिशा-निर्देश के आलोक में ग्रामीण क्षेत्रों के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र अंतर्गत स्वास्थ्य उपकेंद्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए 2017 में ही कम्युनिटी हेल्थ असिस्टेंट नियुक्त करने तथा इसके लिए बीएससी कम्युनिटी हेल्थ का काेर्स प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया था। अब इसी आलोक में बीएससी कम्युनिटी हेल्थ का कोर्स सफलतापूर्वक पूरा करने वाले छात्रों के नियुक्ति काे लेकर नये स्थायी पदों का सृजन एवं नियुक्ति नियमावली का गठन किया जा रहा है। नियमावली के गठन के बाद पदाें का सृजन किया जाएगा। इसके बाद बहाली की प्रक्रिया शुरू हाेगी। नियमावली के गठन से न सिर्फ स्वास्थ्यकर्मियों की बहाली का रास्ता साफ हाेगा बल्कि नियुक्ति के बाद उनकी प्रोन्नति और आरोप लगने की स्थिति में अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकेगी।
स्वास्थ्य उपकेंद्रों काे मिलेंगे कर्मी झारखंड राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर चिकित्सा पदाधिकारियों की पदस्थापित नहीं की जाती है। हालांकि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में पदस्थापित चिकित्सा पदाधिकारी को सप्ताह में एक दिन स्वास्थ्य उपकेन्द्र जाना अनिवार्य है। दूसरी तरफ वर्तमान समय में स्वास्थ्य उपकेन्द्र में पूर्णकालिक कर्मी के रूप में मात्र एएनएम ही कार्यरत है। ऐसे में आकस्मिक स्थिति में स्वास्थ्य उपकेंद्र पहुंचने वाले मरीज का प्राथमिक उपचार हाे सके। इसे लेकर वहां स्वास्थ्यकर्मी का रहना आवश्यक है। इसे ध्यान में रखते हुए ही कम्युनिटी हेल्थ असिस्टेंट नियुक्त करने की दिशा में प्रारंभिक कार्य सरकार की ओर से शुरू कर दिया गया है। मालूम हाे कि राज्य में चिकित्सा पदाधिकारियों के स्वीकृत बल के विरुद्ध रिक्तियों को भरने की कोशिश कई बार की गई है। लेकिन अभी तक पर्याप्त संख्या में चिकित्सा पदाधिकारी उपलब्ध नहीं हो सके हैं। झारखंड फार्मासिस्ट संवर्ग का हाेगा गठन झारखंड सरकार द्वारा साल 2013 में झारखंड फार्मासिस्ट संवर्ग (भर्ती, प्रोन्नति एवं अन्य सेवाशर्त) नियमावली-2013 लागू किया गया था। लेनिक, मूल पद के अतिरिक्त उच्चतर पदाें का वेतनमान निर्धारित नहीं होने के कारण कर्मियों को अपेक्षित प्रोन्नति नहीं मिल पा रही है। इससे कर्मियों की कार्यक्षमता तथा कार्य की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। इसके अलावा वर्तमान में अभ्यर्थियों की योग्यता एवं अन्य कई प्रावधानों में संशोधन की भी आवश्यकता महसूस की जा रही है। इसलिए राज्य में फार्मासिस्ट संवर्ग की कार्य क्षमता में अपेक्षित सुधार कर इसे राष्ट्रीय स्तर के अनुरूप विकसित करने तथा कर्मियों में व्याप्त निराशा को दूर करने के लिए झारखंड फार्मासिस्ट संवर्ग (भर्ती, प्रोन्नति एवं अन्य सेवा शर्त) नियमावली 2025 का गठन किया जा रहा है।


