अब 15 जनवरी से जून तक होंगे विवाह

25 फरवरी को सात रेखीय भास्कर न्यूज | लुधियाना सोमवार 16 दिसंबर से खरमास शुरू हो गया। सूर्य धनु राशि में रविवार देर रात प्रवेशकर लिया था। अब 14 जनवरी (मकर संक्रांति) तक कथा-प्रवचन, नित्य पूजन, हवन आदि धार्मिक अनुष्ठान छोड़कर मांगल कि कार्य नहीं होंगे। बावजूद इसके इस एक माह की अवधि में पड़ने वाले कई शुभ योगों में आवश्यक वस्तुओं की खरीदी और बुकिंग की जा सकती है। खरमास में सूर्य की उपासना का विधान है। पंडितों के मुताबिक अति आवश्यक होने पर खरमास (मलमास) में जो शुभ योग और शुभ मुहूर्त होते हैं, उनमें खरीदारी करने पर कोई दोष नहीं लगता। नए वस्त्र और नए आभूषण खरीदे जा सकते हैं, पर उन्हें मकर संक्रांति के बाद धारण करना अत्यंत शुभ होगा। भूमि, भवन और अन्य वस्तुएं खरीदी जा सकती हैं। भूमि पूजन और नए भवन में प्रवेश खरमास समाप्त होने के बाद किया जाना चाहिए। पंडित शिवम भारद्वाज ने बताया कि इस बार सूर्यदेव का धनु राशि में बाघ पर सवार होकर प्रवेश हुआ है। उनका उप वाहन अश्व रहा। संक्रांति नक्षत्र घोरा नाम का है। इसके परिणाम स्वरूप सरकार और जनसामान्य के बीच कई लंबित मामले सुलझाने में सामंजस्य की स्थिति बनेगी। पंडित अलोक शास्त्री ने बताया कि 22, 27, 29, 30 दिसंबर, 5, 7 और 11 जनवरी को सर्वार्थ सिद्धि, 7 और 11 जनवरी को अमृतसिद्धि, 17 और 18 दिसंबर त्रिपुष्कर योग, 17, 22 दिसंबर और 5 जनवरी को विशेष योग रहेगा। इन योगों में आवश्यक वस्तुओं की खरीदी कर पूजा घर में रखने के बाद इनका उपयोग करना शुभ रहेगा। संक्रांति तक विवाह जैसे मांगलिक कार्य नहीं होंगे। अब 15 जनवरी से विवाह मुहूर्त शुरू होंगे, जो जून तक रहेगा। जब गुरु की राशि धनु में सूर्य आते हैं तब खरमास का योग बनता है। वर्ष में दो मलमास लगते हैं, जिनमें पहला धनुर्मास और दूसरा जमीन मास आता है। यानी सूर्य जब-जब बृहस्पति की राशियों धनु और मीन में प्रवेश करता है तब खर या मलमास होता है। क्योंकि सूर्य के कारण बृहस्पति निस्तेज हो जाते हैं। इसलिए विवाह संस्कार कार्य निषेध माने जाते हैं। मार्च में 5 को शादी के लग्न हैं। इसके बाद 7 मार्च को होलाष्टक प्रारंभ हो जाएगा। इसकी वजह से शुभव मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाएगा। वहीं 14 मार्च को मीन मलमास शुरू हो जाएगा, जो 14 अप्रैल तक रहेगा। इसके बाद ग्रहों की स्थिति के अनुसार शादी और ब्याह के लग्न होंगे, जो जन तक रहेगा। 16 जनवरी को नौ रेखीय 18 जनवरी को छह रेखीय 19 जनवरी को सात रेखीय 21 व 30 को नौ रेखीय 22 जनवरी को छह रेखीय 3 फरवरी को सात रेखीय 4 फरवरी को आठ रेखीय 6 फरवरी को सात रेखीय 7 फरवरी को सात रेखीय 13 फरवरी को सात रेखीय 14 फरवरी को सात रेखीय 15 फरवरी को सात रेखीय 18 फरवरी को छह रेखीय 20 फरवरी को आठ रेखीय 21 फरवरी को सात रेखीय

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