अब 24 घंटे में बदलेगा जला ट्रांसफार्मर, सोलर और जलविद्युत उत्पादन बढ़ाने की तैयारी, बिजली कटौती का समाधान होगा

झारखंड में बिजली व्यवस्था को अधिक भरोसेमंद और उपभोक्ता केंद्रित बनाने के लिए मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने ऊर्जा विभाग को कई अहम निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी उपभोक्ताओं को 24 घंटे निर्बाध बिजली मिले। अनियोजित बिजली कटौती का स्थायी समाधान निकाला जाए और किसी भी क्षेत्र में ट्रांसफार्मर जलने पर अधिकतम 24 घंटे के भीतर नया ट्रांसफार्मर लगाया जाए। बुधवार को मंत्रालय में ऊर्जा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली से जुड़ी शिकायतों का त्वरित समाधान होना चाहिए। इसके लिए हेल्पलाइन और ऑनलाइन शिकायत प्रणाली को अधिक प्रभावी व पारदर्शी बनाया जाए, ताकि लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में 24 घंटे निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने के लिए दो अलग-अलग बिजली लाइनों की व्यवस्था की जाए। इससे यदि एक लाइन में खराबी आए तो दूसरी लाइन से बिजली आपूर्ति जारी रहेगी और आपातकालीन सेवाएं प्रभावित नहीं होंगी। खाली पदों पर भर्ती प्रक्रिया तेज होगी मुख्यमंत्री ने बिजली व्यवस्था की निगरानी के लिए एआई आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित करने के निर्देश दिए। साथ ही विभाग में रिक्त पदों पर पहले चरण में 35 प्रतिशत नियुक्तियां जल्द पूरी करने को कहा, ताकि मानव संसाधन की कमी दूर हो सके। ट्रांसमिशन नेटवर्क होगा आधुनिक, उत्पादन बढ़ाने पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने पारंपरिक चार पोल वाले ट्रांसमिशन ढांचे की जगह मोनोपोल और अन्य आधुनिक तकनीक अपनाने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि इससे कम जमीन की जरूरत होगी, शहरी और घनी आबादी वाले इलाकों में लोगों को कम परेशानी होगी औरभविष्य की बढ़ती बिजली जरूरतों के अनुरूप मजबूत नेटवर्क तैयार किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने हुंडरू, जोन्हा समेत अन्य जलप्रपातों से जलविद्युत उत्पादन की संभावनाओं का अध्ययन कराने तथा सिकिदिरी जलविद्युत परियोजना की पुरानी और नई मशीनों का तकनीकी मूल्यांकन कराने के निर्देश दिए। साथ ही बंजर भूमि पर सोलर फार्मिंग को बढ़ावा देकर किसानों से सौर ऊर्जा खरीदने की योजना तैयार करने को कहा।
10 दिन में दूर हों ग्रिड परियोजनाओं की अड़चनें: बोकारो, धनबाद और हजारीबाग में ट्रांसमिशन लाइन एवं ग्रिड निर्माण में भूमि संबंधी बाधाओं को सीएम ने गंभीरता से लिया। जिलों के उपायुक्तों और वन विभाग के अफसरों को आपसी समन्वय से अगले 10 दिनों के भीतर सभी अड़चनें दूर कर परियोजनाओं में तेजी लाने का निर्देश दिया।

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