राजनांदगांव| अखिल भारतीय पुजारी पुरोहित संघ राजनांदगांव द्वारा जिला जेल में कैदियों को गीता का पाठ पढ़ाया गया। इस अवसर पर भगवान की पूजा अर्चना की गई और गीता के बारे में बताया गया कि यह जीवन का सार है। कार्यक्रम में बताया गया कि गीता जीवन जीने की कला का नाम है और आत्मा अमर है। मुख्य तीर्थ विश्वकर्मा ने कहा कि गीता में भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन को युद्ध के लिए तैयार किया था। देव कुमार ने कहा कि गीता सभी ग्रंथों में पढ़ने योग्य है और सभी धर्म के लोगों को इसे पढ़ना चाहिए। कार्यक्रम को मानो निर्वाणी तथा विवेक त्रिपाठी की संपन्न संबोधित किया। कार्यक्रम में उत्तम गौतम, टंडन, सतीश तिवारी, अनिल नागवंशी, त्रिपाठी और देव कुमार निर्वाणी मौजूद थे।


