अभी केमिकल वाले पानी से खेतों में हो रही सिंचाई:865 फैक्ट्रियां कनेक्ट होते ही 20 किलोमीटर एरिया में केमिकल वाले पानी का बहाव रुकेगा

सांगानेर इलाके में रंगाई-छपाई की फैक्ट्रियाें से निकलने वाले केमिकल युक्त जहरीले पानी के शाेधन के लिए बना सामान्य अपशिष्ट उपचार संयंत्र (सीईटीपी) 5 साल बाद अब शुरू हाेगा। अगले 20 दिन में यह पूरी क्षमता से काम करना शुरू कर देगा। इससे 865 फैक्ट्रियों से निकलने वाला जहरीला पानी सीधे नहीं छोड़ा जाएगा। अभी प्लांट तक कनेक्टिंग लाइन नहीं हाेने से 70% फैक्ट्रियाें से जहरीला पानी खुले में छाेड़ा जा रहा है। इससे सिंचाई कर सब्जियां उगाई जा रही हैं। चंदलाई और नेवटा बांध में मछलियां व जलीय जीव मर रहे हैं। जमीन के अंदर तक यह पानी रिसने से आसपास के इलाकाें में जलकूप का पानी भी जहरीला हाेने से लोग गंभीर बीमारियों से ग्रसित हाे रहे हैं। पाॅल्यूशन कंट्राेल बाेर्ड ने अब 12.3 एमएलडी क्षमता के प्लांट का काम जनवरी के आखिरी तक पूरा करने के बाद फरवरी के पहले सप्ताह में इसे शुरू करने की याेजना बना ली है। जेडीए ने सांगानेर के अलग-अलग इलाकाें से 14 किमी लंबी पाइपलाइन डालकर रलायता में पंपिंग स्टेशन से कनेक्ट कर दिया है। इन एरिया में बहता है जहरीला पानी इस प्लांट के शुरू हाेने से इन इलाकाें में केमिकल युक्त पानी के खुले में बहाव रुकने के साथ ही बदबू से राहत मिलेगी। यह जहरीला पानी द्रव्यवती के जरिए चंदलाई बांध, चाकसू के लाखावास बांध में जाकर मिलता है। लाखावास बांध में मछलियां और कछुए मरने लगे थे। सीईटीपी पूरी क्षमता से नहीं चलाने पर सुप्रीम काेर्ट ने रिपाेर्ट मांगी थी 20 किमी रेडियस में केवल 192 फैक्ट्रियाें ने कनेक्शन लिया। पाॅल्यूशन बाेर्ड के अनुसार सांगानेर एरिया में 865 रंगाई-छपाई की फैक्ट्रियां हैं। इनमें से केवल 192 ने ही कनेक्शन लिए हैं। 12.3 एमएलडी क्षमता के इस प्लांट में केवल 1 एमएलडी केमिकल युक्त पानी का शाेधन हो रहा है, बाकी खुले में छाेड़ा जा रहा है। प्लांट से जुड़ने के लिए फैक्ट्रियाें काे नाेटिस देना शुरू कर दिया है। राेजाना 50 कनेक्शन का लक्ष्य है। 31 जनवरी तक कनेक्शन नहीं लेने वाली फैक्ट्री पर पाॅल्यूशन बाेर्ड कार्रवाई करेगा। बिजली कनेक्शन काट दिया जाएगा। गाैरतलब है कि टेक्सटाइल उद्योगों से निकलने वाले गंदे पानी काे उपचारित करने के लिए यह सीईटीपी 166 करोड़ की लागत से 2019 में बना था। सीईटीपी काे पूरी क्षमता से नहीं चलाने पर सुप्रीम काेर्ट ने रिपाेर्ट मांगी थी। मामले में राज्य मंडल के सदस्य सचिव विजय एन ने संयुक्त सचिव अशोक कुमार योगी, एसीईई भुवनेश माथुर और जेडीए इंजीनियरिंग डायरेक्टर देवेंद्र गुप्ता के साथ दाैरा किया था। प्लांट की कंडिशन काे लेकर एमएनआईटी से एक रिपाेर्ट भी तैयार करवाई जा रही है।

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