मुझे लगा था सरकारी नौकरी मिल जाएगी, इसलिए जो भी पैसे मांगे, दे दिए। बाद में पता चला कि न नौकरी है, न पैसा। यह कहना है सागर की एक युवती का, जो नौकरी के झांसे में शातिर जालसाज अमन पाठक का शिकार बनी। अमन पाठक सोशल मीडिया पर फर्जी आईडी “सोनम पाठक” बनाकर युवाओं को फंसाता था। वह खुद को डिप्टी सीएम का प्रतिनिधि और मंत्रियों, अफसरों का करीबी बताकर भरोसा जीतता था। शुरुआती कम रकम लेकर युवाओं को भरोसा दिलाता और बाद में लाखों रुपए ऐंठ लेता। भोपाल और सागर में युवाओं से मिलने, मंत्रियों के घर महंगे बुके देने और फोटो खिंचवाने जैसे हथकंडे अपनाकर वह रौब दिखाता था। आरोपी धोखाधड़ी कर ऐंठे गए रुपयों को गर्लफ्रेंड और अय्याशी पर लुटाता था। वह लग्जरी लाइफ स्टाइल अपनाता था। महंगी गाड़ी और बड़े फ्लेट में रहता था। गिरफ्तारी के बाद कोई भी आरोपी को बचाने सामने नहीं आया है। पुलिस ने आरोपी को भोपाल से गिरफ्तार कर सागर लाकर रिमांड पर लिया है। बैंक खातों, सहयोगियों और ट्रांजेक्शन की जांच की जा रही है। अब तक 8 युवाओं और तीन बहनों ने शिकायत दी है, जिनसे आरोपी ने 11.25 लाख रुपए ठगे। पुलिस ने चेतावनी दी है कि ऐसे शातिरों से सतर्क रहें और किसी भी शंका पर तुरंत शिकायत करें। अब पढ़िए पूरा मामला…10% पहले, 90% बाद में
फरियादी राजनंदनी राजपूत निवासी सागर ने 6 जनवरी को मोतीनगर थाने में शिकायत की थी। शिकायत में बताया कि कुछ दिन पहले इंस्टाग्राम पर युवती की फेक आईडी पर महिला सुपरवाइजर की स्टोरी डली थी। मैंने जॉब के लिए मैसेज किया तो उसने कहा कि तुम्हारी नौकरी लग जाएगी। इसके साथ ही कहा कि तुम्हें 1 लाख रुपए देने पड़ेंगे। पहले 10% और काम होने के बाद 90% रुपए देना होंगे। भरोसे में आकर 26 अप्रैल को मैंने 10 हजार रुपए उसे भेज दिए। इसके अलग-अलग ट्रांजेक्शन कर कुल 1 लाख 15 हजार रुपए दिए। इसी दौरान मुझे पता चला कि उक्त इंस्टाग्राम आईडी फर्जी है। वह युवती की नहीं, बल्कि युवक की है। जानकारी निकाले पर पता चला कि अमन पाठक नाम का युवक आईडी चलाता है। मोबाइल नंबर पर संपर्क किया तो उसने एक माह का समय मांगा। इसके बाद भी उसने पैसे वापस नहीं दिए। जब भी आरोपी से पैसे मांगे तो अभद्रता कर धमकाने लगा। शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच में लिया। छानबीन के दौरान आरोपी की लोकेशन भोपाल में मिली। लोकेशन मिलते ही पुलिस टीम भोपाल पहुंची और दबिश देकर आरोपी अमन पाठक निवासी मुर्गा दरारिया को गिरफ्तार किया। सागर लाकर कोर्ट में पेश किया। जहां से रिमांड लेकर पूछताछ की जा रही है। सोनम नाम की फर्जी इंस्टाग्राम आईडी से युवाओं को ठगा
आरोपी अमन पाठक बेहद शातिर तरीके से पिछले करीब पांच वर्षों से धोखाधड़ी का नेटवर्क संचालित कर रहा था। उसने इंस्टाग्राम पर “सोनम पाठक” के नाम से फर्जी आईडी बना रखी थी, जिस पर वह सरकारी नौकरियों से जुड़ी भर्तियों की जानकारी पोस्ट करता था। इस आईडी के जरिए वह चैटिंग कर युवक‑युवतियों से संपर्क करता था। ज्यादातर वह बेरोजगार युवकों को निशाना बनाता, हालांकि कुछ युवतियां भी उसके जाल में फंसीं। बातचीत के दौरान वह नौकरी का ऑफर देता और भरोसा दिलाने के लिए कहता कि उसके भाई अमन पाठक की विभागों और मंत्रियों तक अच्छी पहुंच है। इसके बाद वह अपना मोबाइल नंबर देकर सीधे बातचीत करता और रौब‑रसूख दिखाकर युवाओं को झांसे में लेता था। नौकरी दिलाने के नाम पर वह लाखों रुपए वसूल करता और पैसे मिलने के बाद फोन उठाना बंद कर देता। शिकायत की बात करने पर वह फरियादियों को जान से मारने की धमकी भी देता था। ट्रू कॉलर पर डिप्टी सीएम प्रतिनिधि सेट कर झांसे में फंसाता था
आरोपी अमन पाठक नौकरी दिलाने के नाम पर शुरुआत में युवाओं से केवल 10% रुपए ही लेता था, ताकि किसी को शक न हो। वह कहता था कि नौकरी का आदेश होने के बाद बाकी 90% राशि दे देनी होगी। इसके बाद वह अलग‑अलग समय पर 5,000-6,000 रुपए और ऐंठता रहा। कुछ फरियादियों को वह भोपाल बुलाकर उस विभाग के मंत्रालय या कुछ मामलों में मंत्रियों के दफ्तर के बाहर मिलाता, ताकि कोई संदेह न करे। इसी दौरान नकद पैसे भी लिए गए। अमन पाठक अपने आपको डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा का प्रतिनिधि बताता था। वह सोशल मीडिया पर बैनर और फोटो डालकर खुद को उपमुख्यमंत्री का प्रतिनिधि दिखाता और ट्रू कॉलर पर अपना नंबर भी इसी नाम से सेट कर रखा था। इसके अलावा उसने कई मंत्रियों, विधायकों और यहां तक कि सीएम के साथ खिंचवाई गई फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट की। महंगे बुके लेकर मंत्रियों के निवास पर पहुंचता
आरोपी अमन पाठक लग्जरी लाइफस्टाइल के लिए जाना जाता था। अक्सर वह भोपाल में किसी भी मंत्री के निवास पर महंगे बुके लेकर पहुंच जाता और बुके देते हुए उनके साथ फोटो खिंचवाता। इन तस्वीरों को वह सोशल मीडिया पर पोस्ट करके अपने रसूख और प्रभाव को दिखाता था। आरोपी का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह भोपाल में डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा के पास मौजूद नजर आ रहा है और नोटों की निछावर करते हुए दिखाई दे रहा है। आरोपी के बैंक खाते खाली, दोस्तों से भी पूछताछ
आरोपी अमन पाठक की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसके चार बैंक खातों की जांच की। इसमें पाया गया कि खातों में न के बराबर राशि थी- किसी खाते में केवल 27 रुपए तो किसी में 1,900 रुपए मौजूद थे। पुलिस आरोपी के बैंक ट्रांजेक्शन डिटेल्स निकाल रही है। जांच में सामने आया कि आरोपी धोखाधड़ी के रुपए अपने दोस्तों और सहयोगियों के खातों में भी ट्रांसफर करता था, जिसे लेकर पुलिस अब उनके खातों की भी जांच कर रही है साथ ही, एक अन्य युवक को पुलिस ने हिरासत में लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है, ताकि नेटवर्क के अन्य शिकार और पैसों के रास्ते का पता लगाया जा सके। 8 युवाओं से की 5.45 लाख रुपए की ठगी
फरियादी विशाल सूर्यवंशी निवासी ग्राम लल्लेपुरा ने मकरोनिया थाने में शिकायत आवेदन दिया। शिकायत की जांच के दौरान 7 और युवा सामने आए। जिनके साथ आरोपी अमन पाठक ने नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी की थी। पुलिस ने सभी के बयान लिए। सामने आया कि आरोपी ने विशाल सूर्यवंशी से 70000, ओम रैकवार से 300000, वर्षा पति नीरज विश्वकर्मा से 55000, शिवानी जैन से 30000, मेघा जैन से 30000, अभिषेक बड़ोलिया से 30000, भरत प्रजापति से 15000 और देवेन्द्र प्रजापति से 15000 रुपए की धोखाधड़ी की है। जांच में पाया गया कि आरोपी अमन पाठक ने नौकरी दिलाने के नाम पर 8 युवाओं से 545000 रुपए की ठगी की है। जिसके आधार पर मकरोनिया पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच में लिया है। 8 युवाओं से की 5.45 लाख रुपए की ठगी
फरियादी विशाल सूर्यवंशी, निवासी ग्राम लल्लेपुरा, ने मकरोनिया थाने में शिकायत दर्ज कराई। जांच के दौरान 7 और पीड़ित सामने आए, जिनके साथ आरोपी अमन पाठक ने नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी की थी। इस मामले के आधार पर मकरोनिया पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब पढ़िए तीन बहनों का दर्द…सोनम नाम से दोस्ती की, अमन बनकर ठगी
सिविल लाइन थाने में मयूरी पिता रजनेश यादव निवासी गोपालगंज, नीतू यादव और आंकाक्षा यादव दोनों निवासी ग्राम रीछई थाना जैसीनगर ने शिकायती आवेदन दिया। शिकायत में उन्होंने बताया कि वे वर्तमान में सागर में कॉलेज कर रही हैं। शिकायत के अनुसार, वर्ष 2024 में उनकी पहचान इंस्टाग्राम पर सोनम पाठक से हुई। नाम देखकर उन्होंने उसे लड़की समझा। शुरुआत में केवल चैटिंग होती रही, लेकिन कुछ महीनों बाद वर्ष 2025 में आरोपी ने मैसेज किया कि वह आंगनबाड़ी विभाग में सरकारी नौकरी करती है और उसका भाई अमन पाठक है। उसने दावा किया कि उसके पास अधिकारियों और सरकारी विभागों में अच्छी पकड़ है और वह नौकरी दिलवा सकता है। भरोसा जीतने के लिए उसने अपना भाई अमन पाठक का नंबर दिया और युवतियों से सीधे बात करवाई। अमन पाठक ने दावा किया कि वह भोपाल और इंदौर में अच्छी नौकरी दिलवा सकता है और इसके लिए एडवांस पैसे देने होंगे। उसने अपनी महंगी गाड़ी, लग्जरी होटल और नेताओं के साथ फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट करके अपना प्रभाव दिखाया। भरोसा होने के बाद तीनों बहनों ने अलग‑अलग ट्रांजेक्शन कर कुल 5,80,000 रुपए आरोपी को दिए, जिसमें 50‑50 हजार रुपए भोपाल जाकर नकद दिए गए। इसके बावजूद नौकरी नहीं लगी। पैसे की मांग करने पर आरोपी ने मोबाइल बंद कर धमकाना शुरू कर दिया। मामला दर्ज कर जांच कर रहे
एडिशनल एसपी लोकेश सिन्हा ने बताया कि नौकरी दिलाने की नाम पर पैसों की ठगी करने और कई प्रतिष्ठित लोगों के साथ फोटो डालकर प्रभावित करने की शिकायत मिली थी। शिकायत पर जांच करते हुए आरोपी अमन पाठक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच में लिया है।


