अमन साहु गैंग से जुड़े मयंक सिंह की रिमांड पूरी:पाकिस्तान से खरीदे जाते थे हथियार, मलेशिया और थाइलैंड के रास्ते एजेंट को मिलता था फंड

अमन साहु गैंग से जुड़े सुनील मीणा उर्फ मयंक सिंह की 6 दिनों की रिमांड पूरी हो गई। उसे रामगढ़ जेल भेज दिया गया है। इन 6 दिनों की पूछताछ के दौरान मयंक सिंह ने कई बड़े खुलासे किए हैं। पूछताछ में ATS को मयंक ने बताया कि अमन साहु गैंग का कनेक्शन पाकिस्तान से रहा है। रंगदारी के रूप में जो वैसे वसूले जाते थे, उन्हें हवाला के जरिए पाकिस्तान भेजा जाता था। वहीं से झारखंड में क्राइम करने के लिए हथियार लाए जाते थे। कोयला कारोबारी और ठेकेदारों से होती थी वसूली रिमांड के दौरान मयंक सिंह ने यह भी बताया कि साहु गैंग के सदस्य कोयला कारोबारी, ठेकेदार, ट्रांसपोर्टर, जमीन कारोबारी सहित अन्य लोगों से रंगदारी वसूलते हैं। हालांकि जब ATS ने उससे पूछा कि गैंग ने कुल कितनी रकम वसूली है, तो उसने कहा कि इसकी सटीक जानकारी उसके पास नहीं है। उसे सिर्फ हथियार खरीदने के लिए ही पैसे मिलते थे। गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के संबंध में भी मयंक ने ATS को अहम जानकारी दी है। हवाला के जरिए पाकिस्तान पहुंचता था पैसा ATS सूत्रों के अनुसार, मयंक ने ATS को बताया कि पाकिस्तान से हथियार खरीद के लिए झारखंड से हवाला के जरिये अमन साहु गैंग पैसा यूरोप भेजता था। इसके बाद यूरोप से वही पैसा हवाला के माध्यम से मलेशिया और थाइलैंड में जगह बदल-बदलकर रहने वाले मयंक सिंह तक पहुंचता था। मयंक ने यह भी स्वीकार किया कि वह मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर स्थित पाक-पंजाब नामक रेस्टोरेंट के एक कर्मचारी के पास यह पैसा पहुंचाता था। इसके बाद वही कर्मचारी पैसा पाकिस्तान में हथियार बेचने वाले एजेंट तक पहुंचाता था। पैसा मिलने के बाद एजेंट अपने गुर्गों के जरिये अमन साहु गैंग तक हथियार सप्लाई कराता था। 23 अगस्त को लाया गया था रांची 23 अगस्त को अपराधी सुनील सिंह मीणा उर्फ मयंक सिंह को अजरबैजान से प्रत्यर्पण कर रांची लाया गया था। उसी दिन उसे रामगढ़ जिले के पतरातू (भदानीनगर) थाने से जुड़े 2022 के एक मामले में एटीएस ने रामगढ़ स्थित न्यायालय में पेश किया। अदालत से छह दिनों के रिमांड की अनुमति मिलने के बाद एटीएस ने उससे गहन पूछताछ की। मयंक सिंह पर लेवी और रंगदारी मांगने से जुड़े कुल 48 मामले सिर्फ झारखंड में दर्ज हैं। ये मामले हजारीबाग जिले के बड़कागांव, केरेडारी, कोर्रा, हजारीबाग सदर सहित रांची, रामगढ़, पलामू और गिरिडीह जिलों में दर्ज हैं। इसके अलावा उसके खिलाफ अन्य राज्यों में भी आपराधिक मामले दर्ज हैं।

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