मां नर्मदा की उद्गम स्थली और पवित्र नगरी अमरकंटक में बढ़ती पर्यटक एवं श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए परिवहन व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक बैठक आयोजित की गई। यह बैठक नगर पंचायत कार्यालय में हुई। बैठक में नर्मदा परिक्रमा मार्ग (उत्तर तट से दक्षिण तट तक) के तट परिवर्तन, बाहरी पर्यटकों के लिए वाहन दर सूची निर्धारण और वाहनों के वैध परमिट संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश तय किए गए। पुष्पराजगढ़ के एसडीएम वसीम अहमद भट्ट ने टैक्सी यूनियनों और वाहन मालिकों को निर्देश दिए कि वे आपसी सहमति से अमरकंटक के सभी दर्शनीय स्थलों और परिक्रमा तट परिवर्तन के लिए उचित दर सूची एक सप्ताह के भीतर प्रशासन को सौंपें। इसके साथ ही, सभी वाहनों को एक माह के भीतर वैध परमिट अनिवार्य रूप से बनवाने के निर्देश भी दिए गए। वाहनों की पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर, मालिक एवं चालक का नाम, मोबाइल नंबर और पहचान पत्र की प्रति पुलिस एवं नगर पंचायत में जमा कराना अनिवार्य होगा। अधिकारियों ने बताया कि धर्मशालाओं, आश्रमों और लॉजों में भी वाहन दर सूची सहित शिकायत नंबर चस्पा कराए जाएंगे। वाहनों में भी दर सूची प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा। यदि किसी वाहन चालक द्वारा मनमाना किराया वसूला जाता है, पर्यटकों से अभद्र व्यवहार किया जाता है, या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो तत्काल कठोर कार्रवाई की जाएगी। आरटीओ सुरेंद्र कुमार गौतम ने स्पष्ट किया कि बिना वैध परमिट कोई भी वाहन संचालित नहीं होगा। ऑटो चालकों को क्षमता से अधिक सवारियां बैठाने पर सख्त रोक लगाई गई है। एसडीओपी नवीन कुमार तिवारी ने कहा कि नशे की हालत में वाहन संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित है। अमरकंटक एक तीर्थस्थल है, अतः पर्यटकों व श्रद्धालुओं से सद्व्यवहार अनिवार्य है ताकि धार्मिक नगरी की गरिमा बनी रहे।


