अमानक उर्वरक बेचने वाली तीन कंपनियों पर जिले में प्रतिबंध:सैंपल में गड़बड़ी मिलने पर कृषि विकास विभाग ने की कार्रवाई

मुरैना में किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग ने शुक्रवार को तीन कंपनियों के अमानक उर्वरकों पर कड़ा कदम उठाकर उनके क्रय, विक्रय, भंडारण और अन्य स्थानों पर स्थानांतरण पर प्रतिबंध लगा दिया। प्रतिबंध उप संचालक और उर्वरक पंजीयन अधिकारी पीसी पटेल द्वारा जारी किया गया। आदेश के अनुसार, पहली कंपनी कृभको का उर्वरक, जो डीएमओ गोदाम कैलारस से वितरित किया जा रहा था। उसका नमूना 18 नवंबर 2024 को लिया गया। जांच में उर्वरक अमानक मिला। इस उर्वरक के बैच लॉट क्रमांक 02 और नमूना कोड एफएस-23 के सभी स्टॉक को जिले में प्रतिबंधित कर दिया गया है। दूसरी कंपनी पारादीप फास्फेट लिमिटेड का उर्वरक, जिसे मध्यप्रदेश राज्य विपणन सहकारी संस्था मर्या., पोरसा द्वारा वितरित किया जा रहा था, उसका नमूना 26 नवंबर 2024 को लिया गया। इसे भी अमानक घोषित किया गया। इसके बैच लॉट क्रमांक 11/2024 और नमूना कोड एमएल-09 को क्रय-विक्रय, भंडारण और स्थानांतरण से तत्काल रोक दिया गया। तीसरी स्थिति त्रिपल सुपर फास्फेट उर्वरक की है, जिसे पोरसा क्षेत्र की ही सहकारी संस्था द्वारा वितरित किया जा रहा था। इसका भी नमूना 26 नवंबर 2024 को लिया गया और इसे अमानक पाया गया। इसके नमूना कोड एमएल-10 को प्रतिबंधित करते हुए सभी प्रकार की गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है। कृषि विभाग ने की सख्ती
पीसी पटेल ने स्पष्ट किया कि अमानक उर्वरकों के उपयोग से किसानों को भारी नुकसान हो सकता है। इसे ध्यान में रखते हुए इन तीन कंपनियों के दोषपूर्ण बैचों पर कार्रवाई की गई है। विभाग यह सुनिश्चित करेगा कि जिले में केवल मानक और गुणवत्तापूर्ण उर्वरकों का उपयोग हो। भविष्य में कड़ी निगरानी की योजना
अधिकारियों ने कहा है कि जिले में उर्वरकों की गुणवत्ता की नियमित जांच की जाएगी। अमानक पाए जाने पर संबंधित कंपनियों के खिलाफ और भी सख्त कदम उठाए जाएंगे। किसान अक्सर अमानक उत्पादों की वजह से फसलों की खराब गुणवत्ता और उत्पादन में गिरावट का सामना करते हैं। विभाग की इस कार्रवाई से किसानों को लाभ होने और फसलों की गुणवत्ता बनाए रखने की उम्मीद है।

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