अमिताभ, श्रीदेवी से गुलजार रहने वाला सहारा शहर वीरान हुआ:सुब्रत ने ह्वाइट हाउस जैसी हवेली बनवाई, पत्नी की कुटी में मेहमान बने थे अटलजी

लखनऊ में 170 एकड़ में फैला सहाराश्री का साम्राज्य अब वीरान हो चुका है। उनका अपना शहर पहले ही उजड़ चुका था। अब नगर निगम के एक्शन के बाद से यहां रह रहे कर्मचारी, सहाराश्री के रिश्तेदार, परिवार लोग भी घर-बार छोड़कर जा चुके हैं। यहां तक कि डेयरी में बंधे मवेशी भी छुट्टा हो गए हैं। सहारा शहर का एक दौर था। जब यहां सेलिब्रिटीज का मजमा लगता था। बॉलीवुड के लोग डांस करते थे, क्रिकेटर्स और बिजनेस मैन पार्टीज करते थे। इस शहर में इन सबके लिए आलीशान सुविधाएं भी थीं। इनमें आर्टिफिशियल झील, जलमहल, गोल्फ क्लब, क्रिकेट स्टेडियम, फाइव स्टार रेस्टोरेंट, वर्ल्ड लेवल के एमपी थिएटर, ऑडिटोरियम, लाउंज, 25 वीआईपी गेस्ट हाउस, सहाराश्री की ह्वाइट हाउस की तर्ज पर बनी हवेली, पत्नी का अपना आशियाना स्वप्ना कुटी, सिटी कॉम्पलेक्स, फॉर्म हाउस जैसी चीजें हैं। यहां के जलमहल में कभी दिवंगत बॉलीवुड एक्ट्रेस श्रीदेवी ने भी परफॉर्म किया था। एक वक्त सुब्रत रॉय की पत्नी स्वप्ना के विला स्वप्ना कुटी में अटल बिहारी वाजपेयी मेहमान बने थे, लेकिन वक्त के साथ सहारा के हालात बद से बदतर होते चले गए। आज इस जगह की कोई रखवाली करने वाला नहीं है। सहारा की लग्जरी गाड़ियां धूल फांक रही हैं। सुब्रतो कोठी और स्वप्ना कुटी पर अब नगर निगम के ताले लटक रहे हैं। आइए सहारा शहर में मौजूद 15 यूनीक चीजों के बारे में जानते हैं, जो कभी अपनी बुलंदियों के लिए पहचानी जाती थीं- 1- आर्टिफिशियल लेक : जहां कई बॉलीवुड स्टार ने परफॉर्म किया सहारा शहर के अंदर दो एकड़ में आर्टिफिशियल लेक है। इस वाटर बॉडी का किस्सा बॉलीवुड की अभिनेत्री से भी जुड़ा हुआ है। करीब 28 साल पहले श्रीदेवी ने इसी झील के ऊपर बने मंच पर बतौर बॉलीवुड एक्ट्रेस पहली परफॉर्मेंस दी थी। इसके ठीक सामने बने मैदान में कुर्सियां लगाई गई थीं। वहीं से लोगों ने श्रीदेवी की परफार्मेंस देखी थी। बाद में अमिताभ बच्चन, सलमान खान, शाहरुख खान ने परफॉर्म किया। यहां के कर्मचारी बताते हैं कि यहां पर जया प्रदा, करीना कूपर, ऐश्वर्या राय, मीका सिंह भी परफॉर्म कर चुके हैं। पिछले साल दिसंबर में डॉक्टर्स की तरफ से आयोजित एक कार्यक्रम में सोनू निगम ने आखिरी परफार्मेंस दी थी। 2- क्रिकेट स्टेडियम : जहां सचिन तेंदुलकर, सौरभ गांगुली ने प्रैक्टिस की सहारा शहर के अंदर क्रिकेट स्टेडियम भी है। एक समय पर इसमें सचिन तेंदुलकर, सौरभ गांगुली, वीरेंद्र सहवाग, विराट कोहली, युवराज सिंह, जहीर खान सहित अन्य खिलाड़ी भी प्रैक्टिस करते नजर आते थे। होता यूं था कि उन दिनों सहारा भारतीय टीम को स्पॉन्सर करती थी। जब कानपुर में मैच होते थे तो खिलाड़ी लखनऊ के सहारा शहर में रुकते थे। पाकिस्तानी टीम भी यहां पर रुक चुकी है। शहर के अंदर गोल्फ क्लब भी है जिसमें अमर सिंह और सहाराश्री किसी जमाने में गोल्फ का लुत्फ उठाते थे। 3- VIP गैराज: 100 लग्जरी गाड़ियों का काफिला कबाड़ बन गया सहारा शहर के गैराज में करीब 500 गाड़ियां हुआ करती थीं। अभी करीब 100 गाड़ियां खड़ी हैं जो कबाड़ की स्थिति में पहुंच। जिसमें से कई को बेंच दिया गया। जबकि अभी भी कई लग्जरी गाड़ियां खड़ी हुई हैं। कई कबाड़ बन चुकी हैं। इसमें बीएमडब्ल्यू, मर्सिडीज, ऑडी सहित अन्य गाड़ियां हैं। इन्हें अभी तक परिसर से बाहर नहीं ले जाया जा सका है। 4- गेस्ट हाउस: 25 से ज्यादा फाइव स्टार गेस्ट हाउस सहारा समूह में काम करने वाले बड़े अधिकारी इन्हीं गेस्ट हाउस में रहा करते थे। इनके लिए सुब्रत रॉय की स्वप्ना कुटी के बगल में ही गेस्ट हाउस की व्यवस्था की थी। इसके साथ ही सहारा शहर में स्टेडियम के साथ में कॉर्पोरेट सेक्शन सहित अन्य जगहों पर भी गेस्ट हाउस हैं। सहारा के अधिकारी बताते हैं कि जिन दिनों सहारा अपने पीक पर था, उन दिनों बॉलीवुड के हीरो, राजनेता, क्रिकेटर सभी सहारा में इन्हीं गेस्ट हाउस में ठहरते थे। इनमें 5-स्टार की व्यवस्था निशुल्क होती थी। पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी कभी स्वप्ना कुटी के मेहमान बने थे। 5- थिएटर : रिलीज होने से पहले फिल्में यहां चलती थीं सहारा शहर के अंदर लग्जरी थिएटर बना हुआ है। यहां कभी फिल्म डायरेक्टर, अभिनेता और अभिनेत्री लाइनें लगाए पहुंचते थे, ताकि उनकी फिल्म को फाइनेंशियल सपोर्ट और मार्केट सपोर्ट मिल जाए। सहारा के प्रबंधन में बड़े पदों पर बैठे अधिकारी बताते हैं कि सहाराश्री के पास फिल्में पहले चलने के लिए आती थीं। उसके बाद ही फिल्में थिएटर में रिलीज होती थीं। कई फिल्म डायरेक्टर सहाराश्री से अपने प्रोजेक्टों को सपोर्ट करने की गुहार लगाते थे। थिएटर में मल्टीस्क्रीन की सुविधा है। इसके साथ में आधुनिक सीटें लगाई गई हैं, जहां पर लेटकर भी फिल्म देखी जा सकती है। 6- भारत माता मंदिर : जहां मनाए जाते थे भारत पर्व भारत माता मंदिर में सहारा समूह की तरफ से भारत पर्व मनाया जाता था। यह जाति-धर्म के आगे राष्ट्रीयता की भावना से ओत-प्रोत रखता था। यहां पर हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई को एकता की डोर में बांधकर रखा जाता था। भारत माता के चार शेरों को इसमें एक साथ दिखाया गया है। इस दौरान चारों शेरों की डोर भारत माता ने तिरंगा के साथ में पकड़ा हुआ है। सहारा शहर में एंट्री प्वाइंट पर भी भारत माता की मूर्ति बनी हुई है। सहारा के कर्मचारी बताते हैं कि भारत पर्व के दौरान यहां पर कर्मचारी शपथ लेने के साथ में सहारा प्रणाम करते थे। 7- सहारा श्री की कोठी : व्हाइट हाउस जैसी सुब्रतो कोठी सहारा शहर में व्हाइट हाउस जैसी कोठी है। इस कोठी तक बिना चेकिंग के कोई व्यक्ति पहुंच नहीं सकता है। यहां पर आने की छूट कुछ ही लोगों को दी जाती है। तीन चहारदीवारी, 100 से अधिक सुरक्षाकर्मी और इलेक्ट्रानिक बैरिकेड्स को पार कर ही यहां पर आया जा सकता है। सहारा के कई कर्मचारी नाम न छापने की शर्त पर बताते हैं कि नौकरी करते 20 साल हो गए, लेकिन आज तक महल में नहीं पहुंच सके हैं। यहां पर पहले सहारा के सर्वेसर्वा सुब्रत रॉय अपने बच्चों और मां-बाप के साथ रहते थे। फिलहाल कुछ दिन पहले तक सुब्रत रॉय सहारा की पत्नी सपना रॉय और उनके रिश्तेदार यहां पर रहते थे। 8- हेलीपैड: सिटी के अंदर ही हेलीपैड और शहर का अपना पेट्रोलपंप सहारा समूह के पास में इस परिसर में अपना निजी परमानेंट हेलीपैड है। यहां पर 1990-2000 और 2010 के दशक तक हेलिकॉप्टर की आवाज गूंजा करती थी, लेकिन अब यहां पर बड़ी-बड़ी घासें उगी हैं। तस्वीरें ऐसी कि कोई न माने कि हेलीपैड रहा होगा। बस हेलीपैड लिखा एक ब्लॉक इसकी निशानी दे रहा है। इसके साथ ही अपना निजी पेट्रोल पंप भी यहां पर इंडियन ऑयल का बना हुआ है, जहां से सहारा कैंपस के वाहन ईंधन लिया करते थे। राजनीतिक और बॉलीवुड की हस्तियां यहीं से आवाजाही करती थीं। पेट्रोल पंप की तस्वीर अभी स्पष्ट है। 9- आलीशान गेट : 7 बड़े-बड़े गेटों से परिसर की किलाबंदी 170 एकड़ में फैले कैंपस में 7 मुख्य गेट हैं, जो सहारा शहर को बाहरी शहर से कनेक्ट करते हैं। इसके अंदर हर विभाग का अपना अलग गेट है। सभी गेट सफेद रंग के हैं। सबका एक ही डिजाइन है। पूरा परिसर किला नुमा बना हुआ है। हर गेट पर सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं। पूरे सहारा साम्राज्य का संचालन यहीं से होता था। यहां पर सहारा कारपोरेट का मुख्यालय भी बना हुआ है। जहां से सहारा समूह से जुड़े फैसले लिए जाते थे। 10- ऑडिटोरियम : जहां होते थे सेलिब्रिटीज के कार्यक्रम ऑडिटोरियम में 5 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था है। यहां बॉलीवुड के गायक, अभिनेता और अभिनेत्री यहीं पर परफार्मेंस देती थीं। कई बार तो ऐसी परफार्मेंस में चुनिंदा राजनीतिक और बॉलीवुड से जुड़े लोग होते थे। यहीं पर भारतीय टीम के क्रिकेट और बॉलीवुड खिलाड़ियों को सहारा श्री ने सम्मानित किया था। लंदन ओलिंपिक के पदक विजेताओं को भी इसी ऑडिटोरियम में पूर्व सीएम अखिलेश यादव और सहाराश्री ने सोने का मेडल दिया था। 11- सफेद गेट: हरे-भरे गार्डन और सफेद शहर की खूबी सहारा शहर का कंपाउंड 170 एकड़ में फैला हुआ है। शहर के अधिकतर हिस्से में पार्क, बाग और मैदान हैं। इस शहर की 7 बड़े गेट सुरक्षा करते हैं। कंपाउंड में सभी लग्जरी सुविधाएं हैं। गेस्ट हाउस से लेकर सुब्रत रॉय का रेजिडेंस और ऑफिस है। स्वप्ना कुटी का सफेद संगमरमर से बना आलीशान महल है। यहीं सुब्रत रॉय की पत्नी स्वप्ना रॉय रहती थीं। इसके साथ ही 40 एकड़ का ग्रीन बेल्ट है। इसमें जंगल और झील है। 12- जल महल : जहां रुकते थे अमिताभ बच्चन सहारा शहर में जलमहल भी है। फिलहाल यह रखरखाव के अभाव में बदहाल है, लेकिन इसमें कमल अब भी दिखाई देते हैं। इसी परिसर से सटकर बने हिस्से में एक भवन बनाया गया है। कर्मचारी बताते हैं कि सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय के समय अमिताभ बच्चन यहीं रुका करते थे। 13- सुब्रतो का कार्यालय : वीरान पड़ा, गेस्ट हाउस पर अमर सिंह का नाम सहारा शहर में पेट्रोल पंप से स्वप्ना कुटी जाने वाले रास्ते पर एक गेस्ट हाउस पड़ता है। इसकी पहचान आज भी दिवंगत राजनेता अमर सिंह के नाम पर होती है। कर्मचारी बताते हैं कि इसी कोठी में अमर सिंह आकर रुकते थे। वह अक्सर सहारा शहर आते थे। इसके साथ ही सुब्रत रॉय के करीबी भी थे। इसी के पास स्थित सुब्रतो का ऑफिस भी अब वीरान है। 14- अधूरी बिल्डिंग : कॉर्पोरेट ऑफिस के साथ कई बिल्डिंग अधूरी सहारा शहर में आज भी कई अधूरी बिल्डिंग खड़ी हुई हैं। ज्यादातर इलाका रखरखाव के अभाव में अब खराब हो रहा है। इसमें आवास और ऑफिस बनने थे। इसके साथ ही परिसर में सहारा समूह का कार्पोरेट ऑफिस भी मौजूद है। यहीं से सहारा की गतिविधियों का संचालन किया जाता था। 15- फार्म हाउस : ऑर्गेनिक उत्पादों की खेती होती थी सहारा शहर के अंदर ही फार्म हाउस भी चल रहा था। यहां पर कई बीघा में खेती की जाती रही है। ट्रैक्टर, हल सहित खेती के सामान यहां पर मौजूद हैं। डेयरी का संचालन भी परिसर के अंदर से ही होता था। यहां डेयरी भी थी। नगर निगम की कार्रवाई के बाद सब वीरान है। यहां से डेयरी, पोल्ट्री फॉर्म और खेती से निकलने वाले उत्पादों को स्वप्ना रॉय और उनके परिवार के लोग खाते थे। कर्मचारी बताते हैं कि खाने-पीने के सभी सामान यहीं पर उत्पादित किए जाते थे। चाहे वह अनाज हो या फिर वाटर फूड। ———————– ये खबर भी पढ़िए… लखनऊ नगर निगम ने सील किया सहारा शहर : सुब्रतो कोठी और स्वप्ना कुटी पर जड़ा ताला लखनऊ नगर निगम ने अल्टीमेटम खत्म होने के बाद आज सुबह 11:30 बजे सहारा शहर की सीलिंग की कार्रवाई शुरू की। 5 घंटे से अधिक समय तक चली सीलिंग में 170 एकड़ में फैले सहारा शहर और सुब्रत रॉय की कोठी सील कर दिया। अंदर रहने वाले कर्मचारियों और सिक्योरिटी टीम के लोगों को बाहर निकाला। (पूरी खबर पढ़िए)

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *