केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह आज (7 फरवरी) से छत्तीसगढ़ के 3 दिवसीय दौरे पर रहेंगे। तय कार्यक्रम के अनुसार, अमित शाह शनिवार शाम 7 बजे रायपुर पहुंचेंगे। छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद को लेकर केंद्र सरकार की रणनीति से जुड़े अहम दौर की शुरुआत हो रही है। अमित शाह का यह दौरा ऐसे समय पर हो रहा है, जब 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद के खात्मे की डेडलाइन अब नजदीक आ चुकी है। इस समयसीमा का ऐलान खुद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने किया था। इसके बाद छत्तीसगढ़ समेत नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षाबल लगातार अभियान चला रही है। इस डेडलाइन में अब करीब 52 दिन का ही समय बाकी है। अमित शाह बस्तर में पंडुम महोत्सव के समापन कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। इससे पहले वे 28 से 30 नवंबर तक नवा रायपुर स्थित IIM परिसर में आयोजित 60वें DGP-IGP सम्मेलन में पहुंचे थे। जानिए अमित शाह का मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम 7 फरवरी: रायपुर पहुंचने के बाद रात 8 बजे अमित शाह वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। यह बैठक होटल मेफेयर रायपुर में होगी। जिसमें राज्य और केंद्र की सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहेंगे। 8 फरवरी: अमित शाह का कार्यक्रम और भी अहम रहेगा। सुबह 10:30 बजे वे LWE यानी नक्सलवाद पर उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक करेंगे। यह बैठक भी होटल मेफेयर में होगी। अधिकारियों के मुताबिक, इस बैठक को 31 मार्च की डेडलाइन से पहले की अंतिम सुरक्षा समीक्षा के तौर पर देखा जा रहा है। इस बैठक में छत्तीसगढ़ के साथ-साथ तेलंगाना, महाराष्ट्र और ओडिशा से जुड़े नक्सल प्रभावित इलाकों की सुरक्षा स्थिति, ऑपरेशन की प्रगति और इंटेलिजेंस इनपुट्स पर चर्चा होने की संभावना है। इसी दिन शाम 4:30 बजे अमित शाह होटल मेफेयर में आयोजित एक राष्ट्रीय कॉनक्लेव में शामिल होंगे। 9 फरवरी: केंद्रीय गृह मंत्री बस्तर जाएंगे, जहां वे जगदलपुर में आयोजित बस्तर पंडुम महोत्सव-2026 के समापन समारोह में सुबह 11:45 बजे शामिल होंगे। इससे पहले भी अमित शाह पंडुम महोत्सव में शिरकत कर चुके हैं। मीटिंग के बाद ऑपरेशन होंगे तेज राज्य स्तर पर अमित शाह के दौरे को लेकर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही तैयारियों में जुटी हैं। रायपुर में प्रस्तावित बैठक को लेकर केंद्रीय अर्धसैनिक बलों, राज्य पुलिस और इंटेलिजेंस एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। माना जा रहा है कि इस बैठक के बाद नक्सल प्रभावित इलाकों में ऑपरेशन और ज्यादा तेज किए जा सकते हैं। इस तरह कुल मिलाकर अमित शाह का यह दौरा सिर्फ एक नियमित समीक्षा नहीं, बल्कि नक्सलवाद के खिलाफ तय समयसीमा से पहले आखिरी रणनीतिक बैठक के रूप में देखा जा रहा है। जिसका असर आने वाले महीनों में जमीनी हालात पर साफ दिख सकता है। …………………………. इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… शाह बोले-नक्सलियों से चर्चा नहीं, हथियार डालना ही ऑप्शन:जगदलपुर में कहा- 31 मार्च तक देश से मिटा देंगे नक्सलवाद, मुरिया दरबार की रस्म निभाई जगदलपुर में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि 31 मार्च से पहले बस्तर नक्सलमुक्त हो जाएगा। दिल्ली के लोगों ने भ्रम फैलाया, नक्सलवाद ने बस्तर को विकास से दूर किया, लेकिन अब भाजपा शासन में मुफ्त स्वास्थ्य बीमा, 3100 रुपए प्रति क्विंटल पर धान खरीदी और एक माह में 500 से अधिक नक्सलियों का सरेंडर जैसे ठोस कदम उठाए गए हैं। पढ़ें पूरी खबर…


