अमृतसर के महावा गांव के रहने वाले हरमनदीप सिंह पिछले 72 दिनों से इटली से लापता है। उनके पिता काबल सिंह ने बताया कि हरमनदीप 15 जनवरी 2019 को रोजगार के लिए इटली गया था, जो 72 दिन से लापता है। परिवार ने इस मामले को लेकर चिंता जताते हुए सरकार से मदद की गुहार लगाई है। काबल सिंह ने बताया कि 22 जुलाई 2025 को उनके बेटे को आखिरी बार देखा गया था, जिसके बाद से उसका कोई सुराग नहीं मिला है। बलजिंदर और मालिक पर शक परिजनों के अनुसार, हरमनदीप सिंह इटली के रोम शहर, जिला लतीना, में एक डेयरी फार्म में काम कर रहा था। वह वहा बलजिंदर सिंह नामक युवक के साथ काम करता था, जो कि पंजाब के जालंधर जिले का निवासी है और उसी डेयरी में सुपरवाइजर के तौर पर कार्यरत था। काबल सिंह ने बलजिंदर सिंह पर आरोप लगाते हुए कहा कि उसने 2021 और 2023 में उनके बेटे के साथ मारपीट की थी। उन्होंने बताया कि मेरे भाई केवल सिंह, जो इटली में ही रहते हैं, हर बार दोनों को समझा-बुझा कर वापस काम पर लगा देते थे। 22 जुलाई 2025 को उनके बेटे को आखिरी बार बलजिंदर सिंह और डेयरी फार्म के मालिक के साथ देखा गया था, जिसके बाद से उसका कोई सुराग नहीं मिला है। सरकार और भारतीय दूतावास से लगाई गुहार हरमनदीप के पिता का कहना है कि न तो कंपनी कोई स्पष्ट जवाब दे रही है, और न ही यह बताया जा रहा है कि हरमनदीप को आख़िर कहां भेजा गया। काबल ने भारत सरकार और इटली स्थित भारतीय दूतावास (Embassy of India in Italy) से अपील की है कि इस मामले में इटली की पुलिस और प्रशासन पर दबाव डालकर उनके बेटे की तलाश तेज की जाए। बलजिंदर सिंह और डेयरी मालिक से पूछताछ की जाए उन्होंने मांग की है कि बलजिंदर सिंह और डेयरी मालिक से सख़्ती से पूछताछ की जाए, क्योंकि वही लोग आखिरी बार उनके बेटे के साथ संपर्क में थे। काबल ने कहा, मेरा बेटा एक गुरसिख नौजवान है। वह बिना बताए कहीं नहीं जा सकता था। हमें पूरा विश्वास है कि इसके पीछे कुछ ना कुछ गड़बड़ जरूर है। परिवार ने हाथ जोड़कर देश और विदेश में बसे सभी भारतीयों, मीडिया चैनलों, और सामाजिक संस्थाओं से अपील की है कि इस संदेश को अधिक से अधिक साझा करें, ताकि सरकार तक यह आवाज पहुंचे और उन्हें उनका बेटा वापस मिल सके। उन्होंने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष और तेज जांच हो तथा दोषियों को जल्द से जल्द सजा मिले।


