वीरवार को 10 किलोमीटर तक पानी में डूबा अजनाला से रमदास हाईवे 16 किलोमीटर तक बाढ़ की जद में आ गया। अब अजनाला से रमदास तक के 20 किलोमीटर हाईवे का करीब 16 किलोमीटर हिस्सा पानी में है। 10 जगह से धंस चुका है। हालात ऐसे ही तीन दिन और रहे तो रमदास कस्बा कम से कम 3 महीने के लिए अमृतसर से कट सकता है। वजह यह है कि जिस तेज फ्लो से पानी आ रहा है, वह पूरा हाईवे तोड़ देगा। और इसकी फिर से मरम्मत करने में कम से तीन महीने लगेंगे। वहीं, दूसरी तरफ फतेहगढ़ चूड़ियां रोड से रमदास जाने वाली सड़क का भी 5 किलोमीटर हिस्सा पहले से खराब पड़ा है। इस कारण एनडीआरएफ, प्रशासन और बीएसएफ की राहत टीमें भी गांवों तक आसानी से नहीं पहुंच पा रहीं। इस इलाके में 50 हजार से ज्यादा लोग अभी अपने घरों में ही फंसे हुए हैं। अगर बारिश और पानी का बहाव ऐसे ही रहा तो इन्हें घर छोड़ना पड़ेगा। लेकिन सड़क टूटी होने की वजह से इन्हें सुरक्षित निकालना और भी मुश्किल हो जाएगा। हालात चाहे जितने खराब हों, लोग फिर भी अपने परिवार और रिश्तेदारों को बचाने के लिए डूबे हुए हाईवे से होकर गांवों तक पहुंच रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर परिवार बच गया तो ही जिंदगी है, वरना हमेशा के लिए पछतावा रह जाएगा। सरकार की ओर से युद्ध स्तर पर बचाव कार्य जारी है। सेना के जवान भी उतार दिए गए हैं। समाजसेवी संस्थाएं और बहुत से युवा भी मदद में जुटे हैं। उधर, फिरोजपुर के हुसैनीवाला बॉर्डर पर सतलुज का पानी आने रिट्रीट सेरेमनी को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया है। बीएसएफ अधिकारियों ने सुरक्षा और आगंतुकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया है। फाजिल्का हलके के बाढ़ प्रभावित गांवों में राशन देते मंत्री तरुणप्रीत सौंद। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में पहुंचकर पीड़ितों को भोजन परोसते पूर्व मंत्री कुलदीप धालीवाल। तरनतारन के नजदीक राहत सामग्री बांटते कैबिनेट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर। विस भोआ क्षेत्र में बाढ़ प्रभावितों को राहत सामाग्री देते वन मंत्री लालचंद कटारूचक। राहत कोष में 1 दिन का वेतन देंगे पीसीएस अफसर… पीड़ितों की मदद को पीसीएस अफसरों ने 1 दिन का वेतन सीएम राहत कोष में देने का एलान किया है। यह फैसला पीसीएस अफसर ऑफिसर्स एसो. ने लिया है।


