राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने अमृतसर मंदिर ग्रेनेड हमले के मामले में तीन हैंड ग्रेनेड और एक पिस्तौल बरामद की है। इस मामले में एक अंतरराष्ट्रीय आतंकी साजिश का खुलासा हुआ है, जिसमें हथियार और विस्फोटक सप्लाई करने वाले बड़े सिंडिकेट का हाथ बताया जा रहा है। इस केस में जल्द NIA और भी खुलासे करेगी। जानकारी के मुताबिक, आरोपी शरणजीत कुमार उर्फ सनी की निशानदेही पर NIA की टीम ने बटाला के गांव भामरी से तीन हैंड ग्रेनेड बरामद किए है। इसके साथ ही, एक 30 बोर की पिस्तौल भी बरामद की गई, जिसे शरणजीत को विदेशी हैंडलर्स ने पंजाब की शांति और सौहार्द्र को भंग करने की साजिश के तहत उपलब्ध कराया था। बरामद हथियारों और विस्फोटकों को फोरेंसिक और तकनीकी जांच के लिए भेजा गया है। विदेशी हैंडलर्स के निर्देश पर किया जाना था हमला शरणजीत को NIA ने पिछले शुक्रवार बिहार के गया से गिरफ्तार किया था। जांच में पता चला कि वह अमृतसर के ठाकुरद्वारा सनातन मंदिर पर बाइक सवार हमलावर गुरसिदक सिंह और विशाल गिल द्वारा किए गए ग्रेनेड हमले की साजिश में सक्रिय रूप से शामिल था। यह हमला मार्च 2025 में विदेशी हैंडलर्स के इशारे पर किया गया था। 1 मार्च 2025 को शरणजीत को मिले थे ग्रेनेड शरणजीत की पूछताछ के दौरान NIA को बटाला, गुरदासपुर के एक स्थान की जानकारी मिली, जहां ग्रेनेड छिपाए गए थे। आरोपी ने बताया कि 1 मार्च 2025 को उसे चार ग्रेनेड मिले थे, जिनमें से एक उसने 15 मार्च को हुए हमले से दो दिन पहले हमलावरों को सौंपा था। NIA की जांच में यह सामने आया है कि इस हमले के पीछे यूरोप, अमेरिका और कनाडा में स्थित आतंकी हैंडलर्स की साजिश थी। ये हैंडलर्स भारत में अपने ग्राउंड ऑपरेटिव को आतंक फैलाने के लिए हथियार, पैसे, लॉजिस्टिक सपोर्ट और टारगेट की जानकारी उपलब्ध करा रहे थे।


