अमृतसर में मजीठा हलके के गांव बल्लोवाली में शनिवार शाम अचानक आए तेज तूफान (झखड़) के बाद भयानक आग लग गई। इसमें दो किसानों जगीर सिंह और महंगा सिंह के कई दूध देने वाले पशु जिंदा जलकर मर गए। आग की चपेट में आने से दोनों का पशु शेड पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आंधी के बाद बिजली गिरने या शॉर्ट सर्किट की वजह से आग भड़की, जिसने देखते ही देखते पशु शेड को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी भीषण थी कि मौके पर पहुंचे ग्रामीण और परिजन चाहकर भी पशुओं को नहीं बचा सके। ग्रामीणों के अनुसार, आग में जलने वाले पशु परिवार के लिए कमाई का मुख्य जरिया थे। इस हादसे ने प्रभावित किसानों की आर्थिक रीढ़ तोड़ दी है। साथ ही पशुओं के प्रति गहरा लगाव होने के कारण भावनात्मक नुकसान भी कम नहीं है। शैड भी पूरी तरह से जला घटना में आग इतनी तेजी से फैली कि पशुओं को बेड़ा भी पूरी तरह से जल गया है। अकाली दल के पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने पंजाब सरकार से मांग की है कि पीड़ित किसानों को तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। पशुपालन विभाग की टीम मौके पर भेजी जाए ताकि नुकसान का आकलन कर मुआवज़ा तय किया जा सके। सावधानी व सुरक्षा पर जोर
ग्रामीणों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि गांवों में अग्निकांड जैसी घटनाओं से बचाव के लिए फायर सेफ्टी व्यवस्था सुदृढ़ की जाए और तूफान या आंधी के समय बिजली आपूर्ति को लेकर सावधानीपूर्वक दिशानिर्देश जारी किए जाएं। यह हादसा ग्रामीण जीवन की असुरक्षा और प्राकृतिक आपदाओं के सामने किसानों की बेबसी को उजागर करता है। अब देखना यह होगा कि सरकार इस दिशा में कितना संवेदनशील रवैया अपनाती है।


