अमृतसर में आज यानी शनिवार को नाबालिग लड़की को भगाने के मामले में परिवार वालों और सामाजिक संगठनों ने धरना दिया। परिवार का आरोप है कि एक 35 वर्षीय व्यक्ति ने उनकी 16 वर्षीय बेटी का अपहरण कर लिया है। तरनतारन रोड स्थित चब्बा चौक पर धरना देते हुए परिवार ने प्रशासन को सबूत दिए हैं कि लड़की आरोपी के परिवार के पास है। पीड़ित परिवार के अनुसार, बेटी ने खुद फोन करके अपनी जान बचाने की गुहार लगाई है। फिर भी पुलिस ने अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं की है। वाल्मीकि समाज के अमन मूल निवासी ने बताया कि पीड़ित परिवार की बेटी 4 मई को एक आदमी के साथ भाग गई थी। उनकी बेटी 16 साल की है और आरोपी उसे झांसा देकर ले गया था। उसके बाद बेटी ने खुद फोन करके कहा कि उसकी जान को खतरा है। वहीं आरोपी का पूरा परिवार इस कारनामे में साथ है। एसएचओ ने केवल लड़के पर मामला दर्ज किया है, जिसके बाद तब से वो मांग कर रहे हैं कि लड़की को वापिस लाया जाए। प्राइवेट गाड़ी में रेड की लिए गए- परिवार वाले
परिवार ने आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारी उनकी प्राइवेट गाड़ी में रेड की लिए जाते रहे हैं और कहते थे कि सरकारी गाड़ी नहीं जाएगी। उन्होंने काफी खर्चा किया लेकिन फिर भी पुलिस की ओर से उनका साथ नहीं दिया गया। उनकी बेटी अभी भी आरोपियों के चंगुल में है। आज भी जब संगठन के कुछ सदस्यों ने पुलिस से बात की कोशिश की तो मुंशी ने उनके साथ बदतमीजी की। इसके बाद ही वो सड़क पर बैठे हैं और पुलिस अधिकारी के निलंबन की मांग कर रहे हैं। परिवार का आरोप है कि राजनीतिक या आर्थिक दबाव के कारण कार्रवाई रुकी हुई है। वहीं इस मामले में एसएचओ हरसिमरनप्रीत ने बताया कि परिवार का आरोप है कि आरोपी ने गलत उमर का सर्टिफिकेट बनाकर लड़की से शादी की है, जिसके बाद तुरंत ही पर्चा दर्ज कर लिया गया था। बेटी की उम्र का विवाद हाईकोर्ट तक पहुंचा था। वहीं शादी का पंजीकरण भी हुआ था। पुलिस के अनुसार कई बार छापेमारी की गई, लेकिन आरोपी नहीं मिला। अधिकारियों ने 7-10 दिनों में कार्रवाई का आश्वासन दिया है।


