अमृतसर में रावी में बाढ़ से सीमावर्ती खेतों में नुकसान:BSF ने खोला गेट, फेसिंग पार कर जांच करने पहुंचे MLA

अमृतसर में भारत-पाकिस्तान सीमा पर बह रही रावी नदी में आई भीषण बाढ़ के कारण सीमा से लगे खेतों में भी भारी नुकसान हुआ है। विशेष रूप से कंटीली तार से पार खेती करने वाले किसानों की धान की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। बाढ़ के चलते खेतों तक पहुंचना मुश्किल हो गया था, जिसको देखते हुए बीओपी माझीमियां पर तैनात BSF जवानों ने किसानों के लिए गेट खोल दिया ताकि वे अपने खेतों का जायजा ले सकें और आवश्यक कार्य कर सकें। पूर्व कैबिनेट मंत्री और अजनाला से विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने खुद कंटीली तार के पार (फेसिंग) जाकर किसानों की फसलों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि बाढ़ के चलते किसानों की फसलें पूरी तरह तबाह हो गई हैं। उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि पंजाब सरकार उन्हें उचित मुआवजा देगी। साथ ही उन्होंने बताया कि वे जल्द ही सीएम भगवंत सिंह मान से विशेष मुलाकात कर अजनाला क्षेत्र में हुई बाढ़ से हुई तबाही की जानकारी देंगे ताकि सरकार से अधिक सहायता सुनिश्चित की जा सके।इस दौरान किसानों ने बताया कि वे बारिश से सीमा के पार खेती करते हैं और उनकी मुख्य जीविका धान की फसल पर निर्भर है। किसानों की हर संभव मदद की जाएगी-विधायक
बाढ़ ने उनकी सारी मेहनत और आजीविका छीन ली है। उन्होंने सरकार से मांग की कि उन्हें जल्द से जल्द मुआवजा दिया जाए ताकि वे अपना जीवन यापन कर सकें। उन्होंने यह भी कहा कि बिना सहायता के उनकी आर्थिक स्थिति और खराब हो जाएगी। विधायक कुलदीप धालीवाल ने कहा कि बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई के लिए सरकार गंभीर है और आवश्यक सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने प्रशासन से खाद्य सामग्री, दवाइयों, पेयजल और अस्थायी आवास की व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही। साथ ही उन्होंने किसानों से धैर्य बनाए रखने और प्रशासन के साथ सहयोग करने की अपील की। इस दौरान पूर्व विधायक अमरपाल सोनी समेत कई स्थानीय नेता और किसान मौजूद रहे। सभी ने मिलकर यह आश्वासन दिया कि बाढ़ प्रभावित किसानों की हर संभव मदद की जाएगी ताकि वे फिर से अपने पैरों पर खड़े हो सकें।

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