भारत की ओर से पाकिस्तान पर किए गए ऑपरेशन सिंदूर के दिन से अमृतसर में स्कूल बंद कर दिए गए थे। 7 ओर 8 मई की रात हुए इस ऑपरेशन के अगली सुबह 7:30 बजे डीसी साक्षी साहनी ने स्कूल बंद कारण के आदेश दिए थे। जिसके बाद आज 14 मई को स्कूल खुले हैं। अमृतसर सहित फिरोजपुर, पठानकोट और कुछ अन्य बॉर्डर पर बसे शहरों में छोड़कर पंजाब के अन्य शहरों में 12 मई को ही स्कूल खुल गए थे। अमृतसर में छह दिन तक स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी बंद रहे। ऑनलाइन पढ़ रहे थे बच्चे इस दौरान स्कूल के बच्चों की क्लासेज ऑनलाइन लग रही थी। वहीं श्री गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी को छात्रों के लिए 17 मई तक बंद किया गया है। यूनिवर्सिटी में होने वाले सभी एग्जाम्स को 17 मई तक कैंसिल कर दिया गया था और अगला एग्जाम 19 मई को होने तय है। बीते दिन सरकारी आदेशों में लिखा था कि भारत सरकार और पंजाब सरकार द्वारा जारी आदेशों के अनुसार किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए पंजाब के विभिन्न जिलों में नागरिक सुरक्षा अधिनियम 1968 के तहत मॉक ड्रिल का आयोजन किया जा रहा है। स्कूलों का समय सुबह 10:30 बजे से 2:30 बजे तक इस संबंध में जिला मजिस्ट्रेट अमृतसर श्रीमती साक्षी साहनी ने इसे ध्यान में रखते हुए घोषणा की है कि अमृतसर की सीमा के भीतर सभी सरकारी/निजी सहायता प्राप्त स्कूलों का समय सुबह 10:30 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक होगा। उन्होंने कहा कि ये आदेश तुरंत प्रभाव से लागू होंगे और जिला शिक्षा अधिकारी सेकेंडरी/एलिमेंट्री अमृतसर इन आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित करेंगे। लाइट्स बंद रखने के निर्देश
इसके अलावा अमृतसर में रात आठ बजे से सभी स्ट्रीट लाइट्स बंद कर दी जाती है। डीसी साक्षी साहनी की ओर से दिए गए आदेशों के मुताबिक रात 8 बजे स्ट्रीट लाइट बंद करें और अपनी सभी बाहरी लाइट बंद करके स्वैच्छिक ब्लैकआउट का पालन करें। डीसी ने अनुसार घर के अंदर जाने के बाद कृपया कम से कम रोशनी का उपयोग करें या सुनिश्चित करें कि घर के बाहर रोशनी न जाए। अगर रेड अलर्ट है तो कृपया इन आंतरिक लाइटों को भी बंद कर दें और खिड़कियों से दूर रहें।


