अमेरिका में पंजाबी ट्रक ड्राइवर का भाई गिरफ्तार:भारत डिपोर्ट किया जाएगा; गलत यू-टर्न लेने से हुई थी 3 लोगों की मौत

अमेरिका में एक पंजाबी ट्रक ड्राइवर ने 12 अगस्त को फ्लोरिडा में ट्राले का गलत यू-टर्न लिया, जिस कारण एक मिनी कार उससे टकरा गई। हादसे में 3 लोगों की मौत हो थी। इस मामले में अब इमिग्रेशन एंड कस्टम्स इन्फोर्समेंट (ICE) ने 25 वर्षीय हरनीत सिंह को गिरफ्तार किया है, जो हरजिंदर सिंह का भाई हैं। जिसे भारत डिपोर्ट किया जाएगा। दोनों आरोपी पंजाब के किस जिले के रहने वाले है इस बारे अभी पता नहीं चल पाया। हरजिंदर सिंह वही ट्रक ड्राइवर हैं, जिनकी गलत यू-टर्न लेने की वजह से ये हादसा हुआ था। घटना के समय हरनीत सिंह ट्रक के अंदर बैठा था। “ऑफिशियल यूज ओनली” एक्सेस पॉइंट से लिया अवैध यू-टर्न फ्लोरिडा डिपार्टमेंट ऑफ हाईवे सेफ्टी एंड मोटर व्हीकल्स के अनुसार, 12 अगस्त को हरजिंदर सिंह ने सेंट लूसी काउंटी में “ऑफिशियल यूज ओनली” एक्सेस पॉइंट से अवैध यू-टर्न लेने की कोशिश की। इस दौरान उन्होंने अपने ट्रक से हाईवे की सभी लेन ब्लॉक कर दीं, जिससे एक भयानक दुर्घटना हुई। इस हादसे में तीन निर्दोष लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। आरोपी भाई हरजिंदर के साथ वीडियो में दिखा था हरनीत ICE ने हाल ही में हरनीत सिंह को गिरफ्तार किया। प्रशासन के अनुसार, हरनीत भी अपने भाई की तरह अमेरिका में अवैध रूप से रह रहा था। डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी ने बताया कि 2023 में बॉर्डर पेट्रोल ने हरनीत सिंह को पकड़ा था, लेकिन बाइडेन प्रशासन द्वारा उसे अमेरिकी समुदायों में छोड़ दिया गया था। अब हरनीत सिंह को डिपोर्टेशन की प्रक्रिया तक हिरासत में रखा जाएगा। एक्सीडेंट के बाद कैलिफोर्निया भाग गया था हरजिंदर दुर्घटना के बाद हरजिंदर सिंह कैलिफोर्निया भाग गया था। हालांकि उसे वापस फ्लोरिडा लाया गया। फ्लोरिडा के लेफ्टिनेंट गवर्नर जय कॉलिन्स ने सोशल मीडिया पर कहा कि उन्होंने सोचा कि वे भाग सकता हैं। लेकिन उसे गिरफ्तार कर लिया गया। हरजिंदर सिंह ड्राइविंग लाइसेंस टेस्ट में भी फेल हुआ था और अवैध रूप से ट्रक चला रहा था। कैसे कैलिफोर्निया पहुंचा हरजिंदर सिंह मीडिया रिपोर्ट्स मुताबिक भारतीय मूल के हरजिंदर सिंह सितंबर 2018 में दक्षिणी सीमा पार करके कैलिफोर्निया में गैर-कानूनी तरीके से अमेरिका में घुस आया था। सरहद पार करने के दो दिन बाद उन्हें बॉर्डर पेट्रोलिंग ने अरेस्ट कर लिया था और पहले ट्रंप प्रशासन द्वारा उनके खिलाफ त्वरित निर्वासन की प्रक्रिया शुरू की गई थी। हालांकि, तुरंत निष्कासन की कार्रवाई के दौरान उन्होंने कथित तौर पर दावा किया कि वह भारत लौटने से डर रहे थे, जिसके बाद अमेरिकी नागरिकता और इमिग्रेशन सर्विस ने उन्हें जनवरी 2019 में 5 हजार डॉलर के इमिग्रेशन बॉन्ड पर रिहा कर दिया। तब से उन पर इमिग्रेशन प्रोसीडिंग चल रही है।

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