अमेरिका से डिपोर्ट भारतीयों को लेकर संत सीचेवाल बोले:देश की छवि को नुकसान पहुंचा, संसद में उठाएंगे मुद्दा, ट्रैवल एजेंटों पर कार्रवाई हो

राज्यसभा सदस्य और पर्यावरणविद् संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने अमेरिका द्वारा भारतीय नागरिकों को बेड़ियों में जकड़ कर वापस भेजने की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि भारतीयों को 35-40 घंटे तक जंजीरों में बांधकर रखने और सैन्य विमान से वापस भेजने से देश की छवि को नुकसान पहुंचा है। सीचेवाल ने कहा कि इस मुद्दे पर राजनीति करने के बजाय प्रभावित लोगों का साथ देना चाहिए। उन्होंने सरकार से अमेरिकी प्रशासन से संवाद स्थापित करने का आग्रह किया, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वहां रह रहे भारतीय न तो अपराधी हैं और न ही आतंकवादी, जिन्हें इस तरह से वापस भेजा जाए। राज्यसभा सांसद ने स्पष्ट किया कि ये लोग अपराधी नहीं हैं, बल्कि रोजगार की तलाश में गलत एजेंटों के बहकावे में आकर वहां गए हैं। उन्होंने दोषी ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है, जो लोगों को गुमराह कर गलत तरीकों से विदेश भेज रहे हैं। मानव तस्करी रोकने के लिए ऐसे एजेंटों पर शिकंजा कसने की आवश्यकता पर भी उन्होंने बल दिया। पुनर्वास की व्यवस्था करे सरकार : सीचेवाल सीचेवाल ने कहा कि वे इस मुद्दे को संसद में उठाएंगे और वापस लौटे भारतीयों के पुनर्वास के लिए सरकार से पूर्ण सहयोग की मांग करेंगे। साथ ही, उन्होंने सवाल उठाया कि इन भारतीयों को सामान्य विमान से क्यों नहीं लाया गया। उनका कहना है कि केंद्र सरकार को वापस लौटे भारतीयों के पुनर्वास पर विशेष ध्यान देना चाहिए और पीड़ितों के पैसे वापस दिलाने की व्यवस्था करनी चाहिए। संत सीचेवाल ने कहा कि विदेश मंत्रालय के सहयोग से उन्होंने अब तक 200 से अधिक विदेशी मामलों को सुलझाया है, जो इसी तरह मानव तस्करी के कारण विदेशों में फंसे हुए थे। उन्होंने कहा कि इनमें से अधिकतर मामले अरब में फंसी देश की लड़कियों के हैं, जिन्हें ट्रैवल एजेंटों द्वारा किसी तरह वहां बेच दिया गया। संत सीचेवाल ने भारतीयों, विशेषकर युवाओं से, जो विदेश जाने का सपना देखते हैं, अपील की कि वे शिक्षा प्राप्त करें तथा सही तरीके से विदेश जाएं। उन्होंने कहा कि जो लोग फर्जी ट्रैवल एजेंटों के माध्यम से इस तरह की धोखाधड़ी के शिकार होते हैं, उन्हें कई जोखिमों का सामना करना पड़ता है।

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