अमेरिका से डिपोर्ट 5 युवकों का खुलासा:जालंधर-होशियारपुर के युवक बोले-इसमें भारतीय एजेंटों का हाथ नहीं; पुलिस अपने स्तर पर जांच कर रही

अमेरिका से डिपोर्ट किए गए 31 पंजाबियों के मामले में पंजाब पुलिस का एक्शन लगातार जारी है। मगर कुछ मामले ऐसे भी सामने आए हैं, जिसमें भारत लौटे भारतीय कार्रवाई ही नहीं करवाना चाहते। कुछ युवकों ने पूछताछ में कहा है कि वह दुबई तक किसी भी एजेंट के जरिए नहीं गए। दुबई के ही एजेंट ने उन्हें आगे अमेरिका भेजा था। बता दे कि जालंधर और होशियारपुर के पांच युवकों ने पुलिस की पूछताछ में ये बयान दर्ज करवाए हैं। मंगलवार को पांचों युवकों से पूछताछ की गई थी, इस दौरान उन्होंने कहा कि दुबई तक वह अपने आप वीजा अप्लाई कर गए थे। आगे दुबई से उन्हें अमेरिका डंकी रूट के जरिए भेजा गया। जालंधर के चार और एक होशियारपुर के युवक ने ऐसे बयान दर्ज करवाए हैं। पैसे वापस मिलने का आश्वासन मिले पर साधी चुप्पी युवकों के ये बयान दर्ज होने के बाद पुलिस अंदाजा लगा रही है कि अमेरिका भेजने वाले ट्रैवल एजेंटों ने परिवारों को पैसे वापस देने का लालच देकर चुप करवा दिया है। मगरपुलिस बयान दर्ज होने के बाद भी अपने स्तर पर जांच कर रही है। जिससे इसकी जड़ कर पहुंचा जा सके। जिन ट्रैवल एजेंटों ने इन युवकों को डंकी रूट से अमेरिका भिजवाया था, वे अब इन्हें लिए गए रुपये लौटाने का लोभ दे रहे हैं। साथ ही पुलिस मान कर चल रही है कि अमेरिका से डिपोर्ट हुए युवक नहीं चाहते कि पुलिस का केस में कोई दखल रहे। जिसके चलते युवक अपने बयान ऐसे दे रहे हैं। सीनियर अधिकारियों ने सुना लोगों का पक्ष पुलिस के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने रिपोर्ट किए गए लोगों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं थी। विभिन्न जिलों और कमिश्नरेटों के पुलिस आयुक्त व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसआईटी के साथ मिलकर काम कर रहे है। ताकि इन धोखेबाज अपराधियों को कानून के कटघरे में लाया जा सके। डीजीपी पंजाब गौरव यादव ने धोखाधड़ी करने वाले इमिग्रेशन नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करने और ट्रैवल एजेंटों द्वारा पंजाब के युवाओं के शोषण को खत्म करने के लिए पंजाब पुलिस की दृढ़ प्रतिबद्धता दोहराई। एसआईटी अवैध मानव तस्करी के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ जवाबदेही तय करने और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। पंजाब में डिर्पोटेशन के मामले में गर्माई हुई है राजनीति अमेरिका से डिपोर्ट किए गए पंजाब के लोगों के मामले में राजनीति भी गर्माई हुई है। आम आदमी पार्टी कांग्रेस इस इस मामले को केंद्र की भाजपा सरकार को घेर रही है। वहीं, कांग्रेस इस मामले को लेकर प्रदर्शन कर रही है। चंडीगढ़ के सांसद व पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी का उनका कहना है कि देश के विदेश मंत्री ने जिस तरह से राज्यसभा और लोकसभा में बयान दिया है। उससे यह साफ नहीं हो रहा है कि वह भारत के विदेश मंत्री हैं या ट्रंप सरकार के प्रवक्ता। जिस तरह से भारतीयों को हथकड़ी और बेड़ियों में जकड़कर लाया गया है, उससे ऐसा लग रहा है जैसे भारत की आजादी के समय अंग्रेज स्वतंत्रता सेनानियों को काला पानी ले जाते थे।

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