नए साल के पहले दिन 1 जनवरी (बुधवार) को अय्यप्पा मंदिर भेल में एक लाख नाम जाप का आयोजन किया गया। शाम 7 बजे शुरू हुए इस आयोजन में शत नीरांजनम (100 नीरांजनम) और लक्ष नामा समर्पणम (एक लाख जाप) का आयोजन किया गया। प्रत्येक परिवार से एक व्यक्ति ने अयप्पा सहस्र नामावली का जाप किया, नीरांजनम और मंदिर की परिक्रमा करते हुए यह पूजा भगवान अयप्पा को अर्पित की गई। श्रद्धालुओं को आशीर्वाद स्वरुप बांटा सिक्का। समिति के अध्यक्ष डॉ. एस ए पिल्लई ने बताया कि नीरंजनम भगवान शनि को अर्पित किए जाने वाले सबसे महत्वपूर्ण प्रसादों में से एक है। तिल की थैलियों को तिल के तेल में डुबोकर नारियल के अंदर रखा जाता है, जिन्हें भगवान अयप्पा के सामने जलाकर शनि ग्रह के बुरे प्रभावों को दूर किया जाता है। ऐसा विश्वास है कि भगवान अयप्पा का भगवान शनि पर दिव्य नियंत्रण है, जिससे उनके प्रभाव को कम किया जा सकता है। इस मौके पर मंदिर प्रांगण में एक लाख नाम जाप और प्रार्थना की गई, जिसमें शांति के लिए नीरंजन दीपम भगवान को समर्पित किया गया। इस विशेष अवसर पर मंदिर की ओर से सभी श्रद्धालुओं को आशीर्वाद का सिक्का भी प्रदान किया गया।


