भास्कर संवाददाता| बांसवाड़ा माही बांध के कमांड क्षेत्र में शामिल होने के बाद भी सिंचाई को तरस रहे बागीदौरा विधानसभा क्षेत्र के 5 गांव जलदा, बोडीगामा, हमीरपुरा, पाटन और पटेलिया के 3 हजार से ज्यादा किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी है कि अब उनके 1378.18 हैक्टेयर (5494.8 बीघा) खेतों को सालभर पानी मिल सकेगा। 44.17 करोड़ रुपए की जलदा माइनर लिफ्ट सिंचाई परियोजना का काम पूरा हो चुका है। जनवरी तक पंप हाउसों के बिजली कनेक्शन होने के बाद लाइन की टेस्टिंग शुरू होगी। मार्च, अप्रैल से खेतों तक पानी पहुंच जाएगा। जल संसाधन विभाग (माही परियोजना) के गढ़ी एक्सईएन सत्येंद्र मीणा ने बताया कि बागीदौरा विधानसभा क्षेत्र में सिर्फ यह 5 गांव जलदा, बोडीगामा, हमीरपुरा, पाटन और पटेलिया की 1373.18 हेक्टेयर जमीन माही बांध के कमांड क्षेत्र में होने के बाद सिंचित नहीं थी। कारण, यह पांचों गांव की भौगोलिक स्थिति पहाड़ी और लेवल ऊंचा होने से माही परियोजना की नहरी तंत्र से सिंचाई नहीं हो पा रही थी। नहरों का लेवल इस क्षेत्र से नीचा होने से पानी खेतों तक नहीं पहुंच रहा था। राज्य सरकार ने वर्ष 2020-21 में बजट घोषणा में करीब 50 करोड़ रुपए की जलदा माइनर लिफ्ट सिंचाई परियोजना को मंजूरी दी थी। 26 मई 2023 को एजेंसी केा वर्कऑर्डर जारी किया था। कारण- बीच में दो साल कोरोना संक्रमणकाल होने से काम शुरू नहीं हो सका था। लेकिन अब परियोजना का काम पूरा हो गया है। ^बागीदौरा विधानसभा के 5 गांव जलदा, बोडीगामा, हमीरपुरा, पाटन और पटेलिया जिले के इकलौते ऐसे हैं, जो माही परियोजना के कमांड एरिया में शामिल होने के बावजूद, असिंचित थे, लेकिन अब ये भी सिंचित हो जाएंगे। परियोजना का काम पूरा हो चुका है। अगले माह तक पंप हाउसों को बिजली कनेक्शन भी मिल जाएगा। खरीफ फसल के लिए पानी दे देंगे। – आरसी मीणा, एसई, जल संसाधन, (माही परियोजना) बांसवाड़ा परियोजना के तहत जलदा गांव में डिग्गी का निर्माण किया गया है। इसमें अरथूना जल वितरिका (छोटी कैनाल) से पानी भरा जाएगा। डिग्गी पर 3-3 हैवी मोटरों के पंप हाउस बनाए गए हैं। पांचों गांव की असिंचित भूमि तक पानी पहुंचाने के लिए 95 किलोमीटर लंबाई का डीआई और एचडीपीई पाइपों का नेटवर्क बिछाया है। करीब 5-5 हेक्टेयर जमीन पर एक आउटलेट देकर किसानों को सिंचाई के लिए पानी देंगे। हर खेत पर फव्वारा सिंचाई पद्धति भी विकसित की जा रही है। पंप हाउस को चलाने के लिए 1250 किलोवाट का सोलर पावर प्लांट लगाया है। परियोजना में जलदा गांव की 415.88 हेक्टेयर, बोड़ीगामा गांव की 356.63 हेक्टेयर, हमीरपुरा की 259.21 हेक्टेयर, पाटन की 169.85 हेक्टेयर और पटेलिया गांव की 200.06 हेक्टेयर जमीन को सिंचित करेंगे।


